उत्तराखंडरुद्रप्रयाग

जिलाधिकारी ने की स्वरोजगार परक योजनाओं की समीक्षा, बैंकों को किया निर्देशित प्राथमिकता से कार्यवाही कर बेरोजगारों को  ऋण करें स्वीकृत

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागर में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (डीएलआरसी) की बैठक आयोजित।

रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागर में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (डीएलआरसी) की बैठक आयोजित की गई जिसमें जिलाधिकारी द्वारा केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार परक योजनाओं जिसमें मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, एनआरएलएम, एनयूएलएम, बीर चंद्र सिंह गढ़वाली आदि योजनाों की समीक्षा करते हुए उपस्थित बैंक प्रबंधकों को निर्देशित करते हुए कहा कि विभिन्न विभागों द्वारा बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए उपलब्ध कराए गए आवेदन पत्रों पर शीर्ष प्राथमिकता से कार्यवाही कर ऋण स्वीकृत करना सुनिश्चित करें तथा किसी भी आवेदन पत्र में अनावश्यक रूप से आपत्ति न लगाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि किसी आवेदन पत्र में किसी भी प्रकार की कोई कमी पाई जाती है तो संबंधित विभाग एवं आवेदनकर्ता को कमी के निराकरण हेतु सूचित किया जाए ताकि संबंधित द्वारा आपत्ति का निराकरण करते हुए उन्हें स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध किया जाए जिससे सरकार की मंशा के अनुरूप बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सके।
जिलाधिकारी ने कृषि विभाग, पशुपालन, मत्स्य व डेयरी आदि विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि केसीसी कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए तथा अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ उपलब्ध कराने के लिए कार्यशाला आयोजित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जिन बैंकों का सीडी रेस्यू कम है वह इसमें सुधार लाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को ऋण उपलब्ध कराने हेतु कैंप लगाने के भी निर्देश दिए।
बैठक में अग्रणी बैंक प्रबंधक विवेक कुमार ने विस्तृत जानकारी देते हुए अवगत कराया है कि जिले का दिसंबर, 2022 का त्रैमासिक अनुपात 29.21 प्रतिशत रहा जो सितंबर 2022 के त्रैमास के 228.74 प्रतिशत के सापेक्ष 47 प्रतिशत ज्यादा है। जिले का सीडी अनुपात का लक्ष्य 40 प्रतिशत होना चाहिए। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशलन बैंक, इंडियन बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंडसइंड बैंक का सीडी अनुपात 30 प्रतिशत से भी कम रहा। अधिकतर बैंकों का सीडी अनुपात 40 प्रतिशत से कम रहा। सभी बैंकों को सीडी अनुपात बढाने हेतु अधिक से अधिक ऋण का वितरण कराने को कहा गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने नाबार्ड द्वारा प्रकाशित पुस्तिका संभाव्यतायुक्त ऋण योजना का विमोचन किया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, महाप्रबंधक उद्योग एच.सी. हटवाल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. आशीष रावत, जिला उद्यान अधिकारी योगेंद्र चौधरी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल सहित संबंधित बैंकों के शाखा प्रबंधक एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!