मध्यमहेश्वर यात्रा बनी चुनौती, मोरखंडा नदी पर पुल बहने के बाद ट्रॉली के सहारे नदी पार कर रहे श्रद्धालु

मध्यमहेश्वर यात्रा बनी चुनौती, मोरखंडा नदी पर पुल बहने के बाद ट्रॉली के सहारे नदी पार कर रहे श्रद्धालु
रुद्रप्रयाग। जनपद स्थित द्वितीय केदार भगवान मध्यमहेश्वर धाम की यात्रा इन दिनों चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। मोरखंडा नदी पर बनी अस्थायी पुलिया तेज बहाव में बह जाने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को ट्रॉली के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है। सावन माह में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते ट्रॉली के दोनों ओर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
मध्यमहेश्वर धाम जाने वाले पैदल यात्रा मार्ग पर मोरखंडा नदी में बना अस्थायी पुल हाल की बारिश के दौरान नदी के तेज बहाव में बह गया था। इसके बाद प्रशासन की ओर से नदी पार कराने के लिए ट्रॉली की व्यवस्था की गई है। फिलहाल यही ट्रॉली श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए एकमात्र सहारा बनी हुई है।
सावन माह होने के कारण इन दिनों मध्यमहेश्वर धाम में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ट्रॉली की क्षमता सीमित होने से दोनों ओर लंबी कतारें लग रही हैं। कई श्रद्धालुओं को नदी पार करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे यात्रा में काफी विलंब हो रहा है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि ट्रॉली से नदी पार करना मजबूरी है, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं स्थानीय लोगों को भी रोजमर्रा के कार्यों के लिए इसी ट्रॉली का सहारा लेना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द वैकल्पिक पुल का निर्माण कराने या अतिरिक्त व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित हो सके।
फिलहाल मध्यमहेश्वर धाम की यात्रा जारी है, लेकिन पुलिया बह जाने के बाद ट्रॉली के भरोसे चल रही व्यवस्था श्रद्धालुओं के धैर्य और प्रशासन की तैयारियों दोनो की परीक्षा ले रही है।



