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तुंगनाथ घाटी की ग्राम पंचायत उषाडा़ में 14 नवम्बर से पाण्डव नृत्य व पाण्डव लीला का आयोजन

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। तुंगनाथ घाटी के ग्राम पंचायत उषाडा़ में 14 नवम्बर से 32 वर्षों बाद आयोजित होने वाले पाण्डव नृत्य व पाण्डव लीला की सभी तैयारियां शुरू कर दी गयी है। पाण्डव नृत्य व पाण्डव नृत्य के सफल संचालन के लिए ग्रामीणों ने विभिन्न समितियों का गठन कर ग्रामीणों को जिम्मेदारियां दी गयी है, तथा 32 वर्षों बाद आयोजित होने वाले पाण्डव नृत्य व पाण्डव लीला के आयोजन को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह बना हुआ है। जानकारी देते हुए प्रधान कुवर सिंह बजवाल ने बताया कि आगामी 14 नवम्बर को पाण्डव नृत्य का श्रीगणेश विधि – विधान से किया जायेगा तथा 20 नवम्बर को युगों से चली आ रही परम्परा के अनुसार पाण्डवों के अस्त्र – शस्त्र पाण्डव चौक लाये जायेगें। पाण्डव नृत्य कमेटी अध्यक्ष महावीर सिंह बजवाल ने बताया कि पाण्डव नृत्य का आयोजन 21 दिनों तक किया जायेगा तथा पाण्डव नृत्य के आयोजन को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह बना हुआ है तथा पाण्डव नृत्य आयोजन की सभी तैयारियां शुरू कर दी गयी है। सरपंच वन पंचायत देख – रेख समिति राजेन्द्र बजवाल ने बताया कि पाण्डव नृत्य में पाण्डवों का गंगा स्नान, तीर्थ भ्रमण, नगर भ्रमण, मोरू नारेण स्थापना, गौडा़ कौथिक सहित अनेक परम्पराओं का निर्वहन किया जायेगा।
पाण्डव लीला कमेटी अध्यक्ष प्रदीप बजवाल ने बताया कि पाण्डव नृत्य के साथ पाण्डव लीला का आयोजन भी किया जायेगा तथा पाण्डव लीला में महाभारत के विभिन्न पर्वो का अभिनय कलाकारों द्वारा दिखाया जायेगा। पाण्डव नृत्य कमेटी कोषाध्यक्ष भरत सिंह बजवाल ने बताया कि तुंगनाथ घाटी में पाण्डव नृत्य की परम्परा युगों पूर्व की है तथा यहाँ के जनमानस द्वारा समय – समय पर यहाँ की पौराणिक, धार्मिक, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक परम्पराओं का निर्वहन निस्वार्थ भाव से किया जाता है।

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