केदार घाटी में लगातार जारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, तापमान में गिरावट

लक्ष्मण सिंह नेगी।
ऊखीमठ। केदार घाटी में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। क्षेत्र में विगत 24 घंटों से रुक-रुककर मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने से जनजीवन प्रभावित हो गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण जहां ग्रामीण क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है, वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान में गिरावट आने से ठंडक बढ़ गई है। सितंबर माह में मौसम के इस बदले मिजाज ने स्थानीय लोगों के साथ ही काश्तकारों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। केदार घाटी के ऊखीमठ, फाटा, गुप्तकाशी, अगस्त्यमुनि , क्यूंजा घाटी सहित मद्महेश्वर और तुंगनाथ घाटियों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश का असर अधिक देखने को मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर सड़क मार्गों के बाधित होने और भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है।
बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज होने से ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का एहसास बढ़ गया है। तुंगनाथ, चोपता, दुगलबिट्टा, मद्महेश्वर घाटी सहित आसपास के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम काफी ठंडा हो गया है। छह माह तक बुग्यालों में प्रवास करने वाले भेड़पालकों तथा ग्रामीणों को भी बदलते मौसम के बीच अपने पशुधन की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना पड़ रहा है।
लगातार हो रही बारिश से काश्तकारों की चिंताएं बढ़ गई हैं। खेतों में तैयार हो रही फसलों पर अत्यधिक बारिश का प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। क्यूंजा घाटी कण्डारा गांव की काश्तकार विलोचना रावत का कहना है कि लंबे समय बैमौसमी बारिश होने के फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ने से सब्जियों और अन्य मौसमी फसलों पर भी मौसम की मार पड़ने की संभावना बनी हुई है।
मद्महेश्वर घाटी गैड़ बष्टी के प्रगतिशील काश्तकार बलवीर राणा का कहना है कि इस वर्ष मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक मूसलाधार बारिश होने से खेती-किसानी का पूरा चक्र प्रभावित हो रहा है। सितंबर माह में होने वाली बारिश से जहां प्राकृतिक जलस्रोतों को संजीवनी मिलती है, वहीं अत्यधिक बारिश खेतों और ग्रामीण मार्गों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
केदार घाटी में जारी बारिश का असर तीर्थयात्रा और पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ा है। बारिश के दौरान पैदल मार्गों पर फिसलन बढ़ने से यात्रियों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। पर्यटक स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों पर भी मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रियों और पर्यटकों को सावधानी बरतनी पड़ रही है। स्थानीय होटल, होम स्टे और व्यापारियों के कारोबार पर भी खराब मौसम का असर दिखाई देने लगा है। ग्रामीण महिपाल बजवाल ने बताया कि मूसलाधार बारिश के कारण कुण्ड – चोपता नेशनल हाईवे पर सफर करना जोखिम भरा हो चुका है तथा तुंगनाथ घाटी पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों, पर्यटकों, सैलानियों व ग्रामीणो को जान हथेली पर रखकर आवाजाही करनी पड़ रही है।



