रुद्रप्रयाग में आवारा पशुओं का बढ़ता आतंक, 12 से अधिक लोग कुत्तों के हमले में घायल, सुमाड़ी भरदार में पागल कुत्ते ने चार लोगों को काटा,

घोलतीर में बच्चों और ग्रामीणों को दौड़ाया, तीन विभागों ने ग्रामीणों के सहयोग से चलाया रेस्क्यू अभियान,
रुद्रप्रयाग। जनपद में निराश्रित और आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या अब आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। गांवों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों तक आवारा कुत्तों और निराश्रित गौवंश का आतंक लोगों के लिए मुसीबत बन गया है।
कहीं आवारा कुत्ते लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर रहे हैं तो कहीं बेकाबू गौवंश बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों के पीछे दौड़कर उनकी जान जोखिम में डाल रहे हैं। शुक्रवार को सुमाड़ी भरदार और बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के घोलतीर क्षेत्र में सामने आई दो घटनाओं ने इस समस्या की गंभीरता उजागर कर दी।
पहली घटना सुमाड़ी भरदार की है, जहां एक आक्रामक कुत्ते ने चार लोगों पर हमला कर उन्हें काटकर घायल कर दिया। अचानक हुए हमले से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलने पर पशुपालन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने काफी मशक्कत के बाद कुत्ते का रेस्क्यू कर उसे ग्राम प्रधान के सुपुर्द किया।
वहीं, दूसरी घटना बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित घोलतीर क्षेत्र की है। यहां एक निराश्रित गौवंश अचानक आक्रामक हो गया और उसने बच्चों तथा स्थानीय ग्रामीणों को दौड़ाना शुरू कर दिया। गौवंश के हमलावर व्यवहार से क्षेत्र में भय का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग, वन विभाग और गौ रक्षा विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद बेकाबू गौवंश को सुरक्षित काबू में कर रेंतोली स्थित निराश्रित गौवंश आश्रय स्थल पहुंचाया गया।
घोलतीर के ग्रामीणों के अनुसार आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अब तक 12 से अधिक लोगों के कुत्तों के काटने से घायल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। दूसरी ओर, निराश्रित गौवंश भी सड़कों और आबादी वाले क्षेत्रों में लोगों के पीछे दौड़कर हमले कर रहे हैं। इससे विशेषकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
घोलतीर के ग्राम प्रधान राकेश राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य सतीश राणा और बॉबी राणा ने कहा कि कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए गौवंश का उपयोग करने के बाद उन्हें सड़कों पर बेसहारा छोड़ दे रहे हैं। ऐसे गैर जिम्मेदार लोगों के कारण एक ओर गौवंश की दुर्दशा हो रही है, वहीं दूसरी ओर आमजन की जान भी खतरे में पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से निराश्रित पशुओं को सड़कों पर छोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।
गौ रक्षा विभाग के अध्यक्ष रोहित डिमरी ने कहा कि जनपद में निराश्रित गौवंश की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कुछ लोग गौवंश से उपयोग लेने के बाद उन्हें बेसहारा छोड़ देते हैं। ऐसे लोगों के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं तथा लोगों पर हमले का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि गौवंश को लावारिस छोड़ने वाले जिम्मेदार लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि इस समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
पशु चिकित्सा फार्मेसी अधिकारी इन्द्रजीत ने बताया कि शिकायत मिलने पर पशुपालन विभाग और गौ रक्षा विभाग की टीमें तत्काल कार्रवाई कर रही हैं। आवारा एवं आक्रामक पशुओं के रेस्क्यू के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और इस प्रकार की घटनाओं की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को देने की अपील की।



