किसान सभा ने ऊखीमठ, फाटा-मैखंडा में रैली निकालकर किया प्रदर्शन, केंद्र सरकार पर मजदूर व किसान विरोधी होने का लगाया आरोप

किसान सभा ने ऊखीमठ, फाटा-मैखंडा में रैली निकालकर किया प्रदर्शन, केंद्र सरकार पर मजदूर व किसान विरोधी होने का लगाया आरोप
गुप्तकाशी। अखिल भारतीय किसान सभा व सीटू ने किसानों का ऋण माफ व निजीकरण के विरोध समेत विभिन्न मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर किसान, मजदूर व जनविरोधी होने का आरोप लगाते हुए भारत के राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा व ट्रेड यूनियन समन्वय समिति के आह्वान पर सीटू व किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने ऊखीमठ तहसील मुख्यालय में धरना देते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर सीटू के जिला महामंत्री वीरेंद्र गोस्वामी ने कहा कि केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी, किसान विरोधी अन्य नितियों के चलते देश में आर्थिक संकट पैदा हो गया हे। जिससे लोगों में भारी आक्रोश पैदा हो रहा है। विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि मजदूर विरोधी चारो श्रम कोड्स को वापस लेने, 12 घंटे काम करने का आदेश रद्द करने, किसानों के ऋण माफ करना, सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने की गारंटी, आंगनबाड़ी, आशा, भोजन माताओं को राज्य कर्मचारी घोषित करने, सभी को निशुल्क शिक्षा व स्वास्थ की गारंटी, रक्षा, रेल, बिजली, कोयला, तेल, इस्पात, दूर संचार, डाक, परिवहन, हवाई अड्डे, बैंक समेत अन्य सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने, मनरेगा का शहरी क्षेत्रों में विस्तार कर प्रत्येक परिवार को दो सौ दिन का रोजगार उपलबध करने समेत अन्य समस्याओं के निराकरण करने की मांग की।
वहीं, दूसरी ओर किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजाराम सेमवाल के नेतृत्व में केदारघाटी के फाटा मैखंडा में रैली निकालकर सरकार की नितियों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। इस मौके पर आनंद सिंह रावत, रणजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह पुष्पवाण, बलवंत लाल, बसंत लाल, विनोद सिंह, अषाड सिंह धिरवाण, दौलत सिंह रावत, नीलम देवी, गजपाल लाल, दामोदर उनियाल, प्रेम सिंह, विक्रम लाल समेत अन्य मौजूद थे।



