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खुले में आग जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध, वनाग्नि रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन सख्त

लापरवाही से आग लगाने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत होगी कठोर कार्रवाई: जिलाधिकारी

रूद्रप्रयाग। जनपद के विभिन्न वन क्षेत्रों में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से वन क्षेत्रों के निकट आग लगने की लगातार सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं, जिससे वन संपदा, वन्य जीवों, पशुचारा, पर्यावरण तथा जन-धन को भारी क्षति की आशंका बनी हुई है।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि कृषि भूमि की सफाई के दौरान सूखी घास, झाड़ियां एवं अन्य अवशेष जलाने, वन क्षेत्रों के आसपास कूड़ा-कचरा जलाने, मार्गों पर धूम्रपान सामग्री अथवा अन्य ज्वलनशील पदार्थों को लापरवाही से फेंकने जैसी गतिविधियों के कारण वनाग्नि की घटनाएं बढ़ रही हैं।

इन परिस्थितियों को देखते हुए जनपद के सभी नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत, जिला पंचायत तथा वन क्षेत्रों एवं उनके आसपास किसी भी व्यक्ति द्वारा कूड़ा-कचरा, अपशिष्ट पदार्थ तथा कृषि भूमि में पराली जलाना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी व्यक्ति, संस्था या विभाग खुले में आग लगाते हुए पाया जाता है अथवा किसी की लापरवाही के कारण आगजनी की घटना घटित होती है या फैलती है, तो उसके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 एवं अन्य प्रचलित अधिनियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने जनपदवासियों से अपील की है कि वनाग्नि की घटनाओं को रोकने में प्रशासन का सहयोग करें तथा कहीं भी आग लगने की सूचना तुरंत संबंधित विभागों को दें। यह आदेश जनहित को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

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