मौसम का बदला मिजाज सर्द हवाओं से बड़ी ठंड

ऊखीमठ । केदार घाटी के हिमालयी क्षेत्रो मे बर्फबारी का आगाज होने तथा निचले भूभाग मे विगत तीन दिनो से सर्द हवाओ के चलने से सम्पूर्ण केदार घाटी शीतलहर की चपेट मे है तथा तापमान मे भारी गिरावट महसूस होने लगी है जिससे जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है। आने वाले कुछ घन्टो मे यदि मौसम का मिजाज इसी प्रकार रहा तो केदारनाथ, मदमहेश्वर व तुंगनाथ धामो मे बर्फबारी का आगाज हो सकता है।
बता दे कि, विगत तीन दिन पूर्व केदार घाटी मे मौसम ने अचानक करवट बदली दी थी तथा सोमवार दोपहर बाद हिमालयी क्षेत्रो मे बर्फबारी का आगाज होने व निचले भूभाग मे सर्द हवाओ के चलने से सम्पूर्ण केदार घाटी शीतलहर की चपेट मे आने से तापमान मे भारी गिरावट महसूस होने लगी है जिससे जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है। आने वाले कुछ घन्टो मे यदि मौसम का मिजाज इसी प्रकार रहा तो वासुकीताल, केदारनाथ, मनणामाई तीर्थ, पाण्डव सेरा ,नन्दीकुण्ड, मदमहेश्वर, टिगरी, विसुणीताल, चन्द्रशिला, तुंगनाथ, पवाली कांथा, चोपता, देवरियाताल, तोषी, त्रियुगीनारायण कार्तिक स्वामी सहित 7 हजार फीट के ऊंचाई वाला भूभाग एक बार फिर बर्फबारी से लदक हो सकता है। तुंगनाथ घाटी व कार्तिक स्वामी तीर्थ मे यदि मौसम के अनुकूल बर्फबारी होती है तो स्थानीय पर्यटन व्यवसाय मे खासा इजाफा हो सकता है। वहीं शिव पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण में ठंड के दौरान भी नव युगल शादी के बंधन में बंधने पहुंच रहे हैं। प्राकृतिक जल स्रोतो के जल स्तर मे वृद्धि हो सकती है।
निवर्तमान प्रधान राऊलैक कमलेन्द्र नेगी ने बताया कि मदमहेश्वर घाटी के निचले इलाको मे सर्द हवाओ के चलने से जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है तथा ग्रामीण घरो मे कैद रहने के लिए विवश हो गये है । पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष आनन्द सिंह रावत ने बताया की सम्पूर्ण क्षेत्र के शीतलहर की चपेट मे आने से तापमान मे भारी गिरावट महसूस होने लगी है तथा अत्यधिक ठंड महसूस होने से व्यापारियो का व्यवसाय खासा प्रभावित होने लगा है। विगत तीन दिनो से मौसम के बार – बार करवट लेने से जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है ।



