
बसों का संचालन न होने से यात्री परेशान, महंगे किराए को मजबूर, हिमगिरि – विश्वनाथ सेवा का विवाद शीघ्र सुलझाने की मांग
फाटा(रूद्रप्रयाग)। चारधाम यात्रा की रीढ़ मानी जाने वाली बस सेवा इन दिनों आपसी खींचतान के चलते ठप पड़ी है। हिमगिरी एवं विश्वनाथ नाथ सेवा का संचालन फिलहाल केदारनाथ रूट पर बंद है। जिसको यात्रियों एवं व्यापारियों ने जल्द सुलझाने की मांग की है।
बता दें , देहरादून से हिमगिरि बस सेवा के संचालन से उपजे विवाद के बाद बसों का संचालन थम गया है। अब हिमगिरि के साथ-साथ विश्वनाथ बस सेवा भी प्रभावित है। बसों के संचालन पर पड़े इस असर का सीधा असर चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं पर दिखाई दे रहा है। बस सेवा बंद होने से यात्रियों को महंगी टैक्सियों का सहारा लेना पड़ रहा है। चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड आने वाले यात्रियों का एक बड़ा हिस्सा बस सेवा पर निर्भर रहता है। बताया जाता है कि करीब 40 प्रतिशत यात्री बसों के जरिए चारधाम यात्रा करते हैं। ऐसे में बस सेवा के ठप होने से श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बीते दिनों देहरादून से सोनप्रयाग के लिए हिमगिरि बस सेवा शुरू की गई थी, लेकिन हिमगिरि और विश्वनाथ बस सेवा के बीच चल रही आपसी खींचतान के चलते एक बार फिर बसों का संचालन प्रभावित हो गया है।
बस सेवा बंद होने से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को अब चारधाम यात्रा के लिए महंगी टैक्सी का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे यात्रा का खर्च बढ़ने के साथ ही यात्रियों की परेशानी भी बढ़ गई है।
वहीं, कुछ दिन पहले रुद्रप्रयाग में विश्वनाथ बस सेवा से जुड़ा ओवररेटिंग का मामला भी सामने आया था। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद बस संचालन को लेकर विवाद और गहरा गया।
व्यापार संघ अध्यक्ष सोनप्रयाग अंकित गैरोला एवं केदारघाटी होटल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी ने कहा कि देश विदेश से चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के एक बड़ा तबका बसो से यात्रा करता है। इन दिनों हिमगिरी बस सेवा एवं विश्वनाथ बस सेवा के बीच उपजे विवाद से बसों का संचालन बंद हो गया है। उन्होंने यात्रियों के हितों को देखते हुए इसे जल्द सुलझाने की मांग की है।
अब बस सेवा के ठप होने से चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के सामने परिवहन का संकट खड़ा हो गया है। श्रद्धालु चाहते हैं कि बस सेवाओं से जुड़े विवाद का जल्द समाधान हो और यात्रा मार्ग पर बसों का संचालन सुचारु किया जाए।



