ऊखीमठ नगर पंचायत अध्यक्ष का पद सामान्य महिला आरक्षित होते ही भाजपा – काग्रेस में कई महिला उम्मीदवार पेश करने लगी दावेदारी

लक्ष्मण सिंह नेगी।
ऊखीमठ। नगर पंचायत ऊखीमठ नगर निकाय चुनाव मे अध्यक्ष पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के कारण पुरूष दावेदारो के अरमानो पर पानी फिर गया है। अध्यक्ष पद पर काबिज होने के लिए पुरूष दावेदारो की तैयारियां धरी की धरी रह गयी है । नगर पंचायत अध्यक्ष का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के लिए भाजपा – काग्रेस से कई महिलाओ ने दावेदारी पेशकर मतदाताओ के बीच जाकर अपने दावेदारी पेश करने की कवायद शुरू कर दी है । वित्तीय वर्ष 2013-14 मे पहली बार अस्तित्व मे आई नगर पंचायत ऊखीमठ गांधीनगर, उदयपुर, ओकारेश्वर व भटेश्वर सहित चार वार्डो मे विभाजित है। वित्तीय वर्ष 2018-19 मे ग्राम पंचायत चुन्नी मंगोली के ओकारेश्वर वार्ड मे शामिल होने के कारण नगर पंचायत मे वर्ष 2013-14 की तुलना वर्ष 2019 मे सम्पन्न हुए नगर पंचायत चुनाव मे मतदाताओ की संख्या मे खासा इजाफा हुआ था। वर्ष 2013 मे सम्पन्न हुए नगर पंचायत के चुनाव मे कांग्रेस अधिकृत प्रत्याशी रीता पुष्वाण नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हुई थी जबकि वर्ष 2019 मे भाजपा अधिकृत प्रत्याशी विजय राणा ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रकाश गुसाई व निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश रावत को पटकने देकर अध्यक्ष की कुर्सी हासिल की थी । ऊखीमठ नगर पंचायत की कुर्सी सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने से पूर्व भाजपा से निवर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष विजय राणा ,व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भटट, त्रिदिवसीय मदमहेश्वर मेला सचिव प्रकाश रावत, भाजपा मण्डल अध्यक्ष अनुसूया प्रसाद भट्ट, वन पंचायत सरपंच पवन राणा सहित लगभग एक दर्जन लोग अपने दावेदारी पेश कर चुके थे जबकि कांग्रेस से निवर्तमान सभासद प्रदीप धर्म्वाण, रवीन्द्र रावत, कांग्रेस युवा जिलाध्यक्ष कर्मवीर कुवर, पूर्व सभासद प्रमोद नेगी , बलवन्त रावत, पूर्व मे अध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके प्रकाश गुसाई सहित एक दर्जन लोगो की प्रबल दावेदारी मानी जा रही थी मगर आगामी समय मे सम्पन्न होने वाले नगर निकाय चुनाव के लिए अध्यक्ष पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के कारण पुरूष दावेदारो के अरमानो पर पानी फिर गया है । स्थानीय सूत्रो की माने तो अध्यक्ष की कुर्सी सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने से पूर्व कुछ पुरूष दावेदारो ने पार्टी से अधिकृत होने के लिए भाजपा कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारियो के सन्मुख अपनी दावेदारी पेशकर मतदाताओ को रिझाने का काम शुरू कर दिया था। भले ही राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अभी आगामी समय मे सम्पन्न होने वाले नगर निकाय चुनाव की तिथि निर्धारित नही की गयी है मगर अध्यक्ष पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने से पुरूष दावेदारो के अरमान धरे के धरे रह गये है ।



