जागतोली दशज्यूला महोत्सव मेले की तैयारियां तेज, 19 से 23 सितंबर तक होगा पांच दिवसीय मेले का आयोजन

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। जागतोली दशज्यूला महोत्सव मेला समिति की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को मेला स्थल जागतोली में समिति के संरक्षक श्री लखपत सिंह भंडारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में समिति के पदाधिकारी, सदस्य, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, मातृशक्ति, युवा पीढ़ी एवं बड़ी संख्या में मेला प्रेमी दशज्यूलावासियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में आगामी महोत्सव के आयोजन को लेकर विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
समिति के महासचिव श्री कालिका काण्डपाल ने बताया कि इस वर्ष जागतोली दशज्यूला महोत्सव मेला पूर्व की भांति तीन दिनों के बजाय 19 सितंबर से 23 सितंबर 2026 तक पांच दिवसीय भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा। महोत्सव का शुभारंभ प्रथम दिवस पर जागतोली स्थित ठैंकुणा मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान के साथ होगा। इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न गांवों से मातृशक्ति हरियाली की टोकरी लेकर पहुंचेगी तथा समापन दिवस पर मां के प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि द्वितीय दिवस बाल संस्कृति दिवस, तृतीय दिवस महिला संस्कृति दिवस, चतुर्थ दिवस स्थानीय कलाकारों एवं लोक संस्कृति को समर्पित रहेगा, जबकि पंचम दिवस उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों, पुरस्कार वितरण एवं लकी ड्रॉ के साथ महोत्सव का समापन किया जाएगा।
महोत्सव में मां नंदा का जागरण, सांस्कृतिक संध्या, कवि सम्मेलन, संस्कृत विभाग की प्रस्तुतियां, क्षेत्रीय कलाकारों तथा उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध लोकगायकों को आमंत्रित किया जाएगा। महोत्सव को भव्य स्वरूप देने के लिए विभिन्न संस्थानों से प्रायोजन प्राप्त किया जाएगा तथा स्थानीय व्यापारियों के साथ-साथ बाहरी व्यापारियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
महोत्सव में माननीय मुख्यमंत्री, सांसद, मंत्रीगण, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधानों, पूर्व जनप्रतिनिधियों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया जाएगा।
बैठक में समिति के कुछ पदाधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत कारणों से व्हाट्सएप समूह के माध्यम से दिए गए त्यागपत्रों पर भी चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि वर्तमान कार्यकारिणी वर्ष 2024 में पाँच वर्ष के कार्यकाल के लिए गठित की गई है जोकि अपना काम बखुबी निभा रहे हैं। और समिति के बायलॉज के अनुसार उसका कार्यकाल यथावत रहेगा। संबंधित पदाधिकारियों से त्यागपत्रों पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर महोत्सव के बाद इस संबंध में नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष श्री जयवर्धन काण्डपाल ने बताया कि जागतोली दशज्यूला महोत्सव मेला क्षेत्र की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं सामाजिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मेले को पहले से अधिक भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप दिया जाएगा। अध्यक्ष ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को महोत्सव का निमंत्रण पहले ही प्रेषित किया जा चुका है तथा उन्होंने महोत्सव में सम्मिलित होने के लिए अपनी सहमति भी प्रदान की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई पहचान मिलेगी तथा महोत्सव को और अधिक गौरव प्राप्त होगा।
समिति के संरक्षक श्री लखपत सिंह भंडारी ने कहा कि दशज्यूला महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं का उत्सव है। इसे सफल बनाने के लिए सभी लोगों को मिलकर कार्य करना चाहिए।
बैठक की अध्यक्षता संरक्षक श्री लखपत सिंह भंडारी ने की तथा संचालन श्री राजेंद्र प्रसाद काण्डपाल एवं श्री वीरेंद्र सिंह बर्तवाल ने संयुक्त रूप से किया।
बैठक में लखपत सिंह भण्डारी, जयवर्धन काण्डपाल, कालिका काण्डपाल, पंकज सिंह, गजेंद्र सिंह, जसवंत सिंह, मधु देवी, आशा देवी, देवेंद्र सिंह, विजयपाल कठैत, राजेंद्र प्रसाद काण्डपाल, चरण सिंह, हरि प्रसाद काण्डपाल, दीपक सिंह रावत, धनपाल सिंह बासकण्डी, नरेंद्र प्रसाद मालवाल, विवेक काण्डपाल, वीरेंद्र सिंह बर्तवाल, नमिता काण्डपाल, मंजू देवी, जसदेई देवी, शकुंतला देवी, सुमन देवी, दीपा देवी, राखी देवी, कुसुम देवी, हेमा देवी, गीता देवी, अनुपमा देवी, चंपा देवी, ममता देवी, संगीता देवी, दलवीर नेगी, प्रभात सिंह बिष्ट, हरीश सिंह, आशीष पुरोहित, मुकेश काण्डपाल, नागेंद्र सिंह, कुशाल सिंह रावत, गंगा नेगी, आशुतोष पुरोहित, राजेंद्र सिंह बासकण्डी, भरत सिंह, देवेंद्र सिंह, सुमन पवार एवं संपत्ति देवी सहित समिति के अन्य सदस्य, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं मेला प्रेमी दशज्यूलावासी उपस्थित रहे।



