
हिमाचल चुनाव परिणाम आने के बाद एक बार फिर उठने लगी उत्तराखंड में पुरानी पेंशन बहाली की मांग
देहरादून। हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाली के लिए हुए प्रदर्शनों का जिस तरह चुनाव परिणामों पर असर पड़ा है, जिस मुद्दे को लेकर सरकार कभी गंभीर नही थी, उनकी नजर में ये कोई मुद्दा नही था। आज उसी मुद्दे ने उन्हें सत्ता से बेदखल किया है।
एनएमओपीएस के प्रदेश अध्यक्ष जीत मणि पैन्यूली ने कहा कि निश्चित ही जब इस हार का विश्लेषण केंद्रीय नेतृत्व करेगा तो उन्हें पेंशन के मुद्दे की अहमियत समझ आएगी। आज विपक्ष की सभी पार्टियां इस मुद्दे को प्रमुखता दे रही है।
कर्नाटक में चुनाव तिथि घोषित होने से पहले ही पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा कॉंग्रेस ने कर दी है।
वहीं उन्होंने बताया कि हिमांचल के मुख्यमंत्री ने भी स्वीकार किया है कि इस मुद्दे की वजह से उन्हें नुकसान हुआ है।
एनएमओपीएस के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व में हुए उत्तर प्रदेश चुनाव परिणाम में भी पोस्टल वैलेट में इसका प्रभाव दिखाई दिया था। वहीं उन्होंने बताया कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमोहन रावत, प्रांतीय प्रचार मंत्री हर्षवर्धन जमलोकी, प्रांतीय प्रवक्ता सूर्य सिंह पंवार, सचिव हेमलता कजालिया महासचिव मुकेश रतूड़ी सहित सदस्य मौजूद रहे।



