उत्तराखंडक्राइमरुद्रप्रयाग

यात्रियों से वीआईपी दर्शन के नाम पर ठगी करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार, फर्जी IRCTC एजेंट बन 30 हजार रुपये की ठगी, भेजा जेल

रूद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुगम दर्शन हेतु रुद्रप्रयाग पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। यात्रा व्यवस्थाओं में खलल डालने तथा यात्रियों से धोखाधड़ी करने वाले तत्वों के विरुद्ध पुलिस द्वारा निरन्तर सख्त कार्यवाही की जा रही है।
​इसी क्रम में गत दिवस 08 जून को चौकी केदारनाथ पर सूचना दी गई कि चिराग नाम के व्यक्ति द्वारा किसी स्थानीय व्यक्ति एवं होटल मालिक के साथ मिलकर यात्रियों को वीआईपी दर्शन कराने का झांसा दे रहा है। उक्त व्यक्ति द्वारा एक ग्रुप के 10 लोगों से 3,000-3,000 हजार रुपये (कुल 30,000 रुपये) की धोखाधड़ी की गई है। इस गंभीर शिकायत पर चौकी केदारनाथ पुलिस द्वारा तत्काल त्वरित कार्यवाही की गई। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए अभियुक्त चिराग पुत्र चुन्नी लाल, निवासी- ग्राम बतल, पोस्ट भामला, थाना बल्दवाड़ा, जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश। को केदारनाथ धाम परिसर से हिरासत में लेकर उसके कब्जे से धोखाधड़ी के 5,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। ​पूछताछ के दौरान उसने द्वारा स्वीकार किया गया कि वह इस अवैध और धोखाधड़ी के कार्य को एक स्थानीय व्यक्ति के साथ मिलकर अंजाम दे रहा था। इस मामले में पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए अभियुक्त के विरुद्ध कोतवाली सोनप्रयाग पर मुकदमा अपराध संख्या 26/2026, धारा 318(4), 319(2) व 317(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त को वैधानिक कार्यवाही के उपरान्त माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेशानुसार अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार चमोली भेज दिया गया है। मामले में संलिप्त अन्य आरोपी के विरुद्ध विवेचनात्मक कार्यवाही जारी है।

​रुद्रप्रयाग पुलिस समस्त श्रद्धालुओं से अपील करती है कि वे केदारनाथ धाम में किसी भी अज्ञात व्यक्ति के बहकावे में न आएं और दर्शन व अन्य व्यवस्थाओं के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें। यदि कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की धोखाधड़ी का प्रयास करता है, तो तुरन्त नजदीकी पुलिस चौकी या आपातकालीन नम्बर 112 पर सूचित करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!