
पौराणिक झूले में झूली माता की डोली, खड़िया गांव में होगा रात्रि प्रवास
फाटा (रूद्रप्रयाग) । सिद्धपीठ कालीमठ की आराध्य मां कालीमाई की द्वितीय चरण की देवरा यात्रा रविवार को केदारघाटी के विभिन्न गांवों का भ्रमण करते हुए मां महिषासुर मर्दिनी देवी मंदिर पहुंची। माता की डोली के मंदिर पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने फूल-अक्षतों से भव्य स्वागत किया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंज उठा और क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया।
शनिवार को बैरंगना गांव में रात्रि प्रवास के बाद रविवार सुबह मां कालीमाई की डोली महिषासुर मर्दिनी देवी मंदिर के लिए रवाना हुई। मंदिर पहुंचने पर माता की डोली में विशेष नृत्य हुआ। इसके बाद डोली को पौराणिक झूले के पास ले जाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार माता की डोली को झुलाया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे तथा मां के जयकारों का उद्घोष किया।
मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद माता की डोली खड़िया गांव के लिए रवाना हुई, जहां रात्रि विश्राम किया गया। देवरा यात्रा के दौरान माता की डोली के गांव-गांव पहुंचने से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु माता के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।
देवरा यात्रा समिति के अध्यक्ष लखपत राणा ने बताया कि द्वितीय चरण की देवरा यात्रा के तहत मां कालीमाई की डोली केदारघाटी के विभिन्न गांवों का भ्रमण करते हुए केदारनाथ धाम पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि सोमवार को माता की डोली कुलपुरोहितों के गांव रविग्राम पहुंचेगी। इसके बाद मां नानतोली देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की जाएगी और देर शाम जामू गांव में रात्रि विश्राम होगा।
माता की डोली के आगमन से केदारघाटी के गांवों में इन दिनों आध्यात्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। यात्रा में देवरा यात्री, भक्त, ग्रामीण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर माता का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।



