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तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में तीर्थ यात्रियों का आकंडा पहुंचा एक लाख के पार 

लक्ष्मण सिंह नेगी

ऊखीमठ। तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में तीर्थ यात्रियों का आकंडा एक लाख के पार पहुंच गया है। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बन्द होने तक इस वर्ष तीर्थ यात्रियों का आकंडा नया कीर्तिमान स्थापित कर सकता है।

विगत दिनो उत्तरकाशी के धराली मे आई दैवीय आपदा के कारण तुंगनाथ धाम पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई है मगर इन दिनों तुंगनाथ घाटी का मौसम खुशनुमा होने के बाद तुंगनाथ धाम की यात्रा पुनः परवान चढ़ने लगी है। तुंगनाथ धाम में तीसरे चरण की यात्रा परवान चढ़ने से तुंगनाथ धाम सहित तुंगनाथ घाटी के यात्रा पडा़वो पर रौनक लौटने लगी है तथा प्रतिदिन सैकड़ों तीर्थ यात्री चन्द्र शिला के शिखर पर पहुंचकर वहां की खूबसूरती से भी रुबरु हो रहे है।

मन्दिर समिति से मिली जानकारी के अनुसार तुंगनाथ धाम में अभी तक एक लाख, 2330 तीर्थ यात्रियों ने पूजा – अर्चना व जलाभिषेक कर विश्व समृद्धि की कामना की है। इस वर्ष तुंगनाथ धाम में भारी संख्या में तीर्थ यात्रियों, पर्यटकों व सैलानियों की आवाजाही होने से तुंगनाथ घाटी के तीर्थाटन पर्यटन व्यवसाय में भारी इजाफा होने के साथ मन्दिर समिति की आय में भी वृद्धि हुई है। इस वर्ष विगत 2 मई को भगवान तुंगनाथ के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये गये थे तथा कपाट खुलने के बाद ही प्रतिदिन हजारों तीर्थ यात्री तुंगनाथ धाम पहुंचने लगे थे। तुंगनाथ धाम के प्रबन्धक बलवीर नेगी ने बताया कि अभी तक तुंगनाथ धाम में 50 हजार 185 पुरूषों, 42 हजार 183 महिलाओं, 9 हजार 677 नौनिहालों , 274 साधु – सन्यासियो व 11 विदेशी सैलानियों सहित 1 लाख ,दो हजार, 330 तीर्थ यात्रियो ने तुंगनाथ धाम पहुंच कर पुण्य अर्जित किया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भगवान तुंगनाथ के कपाट खुलने के बाद से ही तीर्थ यात्रियों की आवाजाही भारी संख्या में शुरू हो गयी थी जो कि 20 जून तक जारी रही मगर विगत दिनो उत्तरकाशी धराली आपदा आने तथा केदारनाथ की यात्रा बार – बार बाधित होने के कारण तुंगनाथ धाम की यात्रा भी खासी प्रभावित हुई है। प्रबन्धक बलवीर नेगी ने बताया कि तुंगनाथ घाटी में धीरे – धीरे मौसम खुशनुमा होता जा रहा है इसलिए अगस्त माह के अन्तिम सप्ताह से तुंगनाथ धाम की यात्रा और अधिक परवान चढ़ने लगी है। मन्दिर समिति के चन्द्रमोहन बजवाल ने बताया कि चोपता से सीधे चन्द्र शिला शिखर जाने वाले पर्यटकों व सैलानियों को मन्दिर समिति के रिकार्ड में दर्ज नही किया है क्योंकि अधिकांश सैलानी प्रकृति के आनन्द लेने के लिए चोपता से सीधे चन्द्रशिला शिखर पहुंचते है। उन्होंने बताया कि तुंगनाथ धाम में तीसरे चरण की यात्रा परवान चढ़ने से तुंगनाथ धाम सहित तुंगनाथ घाटी के यात्रा पडांवो पर रौनक बनी हुई है।

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