
लक्ष्मण सिंह नेगी।
शादी के सीजन से तीर्थाटन एवं पर्यटन कारोबार में तेजी आने की उम्मीद,
स्थानीय व्यवसायियों के चेहरे खिलने की संभावना
ऊखीमठ। शिव-पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण में तीर्थ यात्रियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। इस वर्ष अब तक 3 लाख 58 हजार 663 से अधिक तीर्थ यात्री त्रियुगीनारायण पहुंच चुके हैं। तीर्थ यात्रियों की बढ़ती संख्या से क्षेत्र में तीर्थाटन एवं पर्यटन कारोबार को नई गति मिल रही है। वहीं आगामी दिनों में शादी-विवाह का सीजन शुरू होने के साथ ही यहां पहुंचने वाले पर्यटकों और तीर्थ यात्रियों की संख्या में और अधिक इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
त्रियुगीनारायण में वर्षभर देश के विभिन्न राज्यों से तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों का आवागमन बना रहता है। बीते कुछ समय से यहां पहुंचने वाले लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसका सीधा लाभ स्थानीय होटल, होम स्टे, रेस्टोरेंट, ढाबा, वाहन संचालकों, टैक्सी चालकों तथा अन्य छोटे व्यापारियों को मिल रहा है। यात्रियों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
त्रियुगीनारायण में तीर्थ यात्रियों की बढ़ती संख्या के साथ ही स्थानीय पर्यटन व्यवसाय भी धीरे-धीरे विस्तार ले रहा है। क्षेत्र में संचालित होटल और होम स्टे में यात्रियों को ठहरने की सुविधा उपलब्ध हो रही है, जबकि स्थानीय युवा भी पर्यटन गतिविधियों से जुड़कर अपनी आजीविका मजबूत कर रहे हैं। शादी-विवाह के लिए यहां पहुंचने वाले जोड़ों और उनके परिजनों की संख्या बढ़ने से आने वाले समय में होटल व्यवसाय, खानपान और परिवहन कारोबार को विशेष लाभ मिलने की संभावना है।
त्रियुगीनारायण मंदिर के प्रबन्धक बलवीर सिंह नेगी ने बताया कि अब तक तीर्थ यात्रियों का आंकड़ा 3 लाख 58 हजार 663 के पार पहुंच चुका है। आगामी दिनों में शादी का सीजन शुरू होने से यहां आने वाले लोगों की संख्या में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यात्रियों की बढ़ती आवाजाही से क्षेत्र के पर्यटन एवं तीर्थाटन व्यवसाय को और मजबूती मिलेगी।
स्थानीय व्यापारियों को भी आगामी शादी के सीजन से बेहतर कारोबार की उम्मीद है। उनका मानना है कि यदि इसी तरह पर्यटकों और तीर्थ यात्रियों की आवाजाही बनी रहती है तो स्थानीय होटल, होम स्टे, परिवहन और बाजार से जुड़े व्यवसायों में तेजी आएगी। इससे न केवल व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे।



