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आचार्य स्व श्रीहर्ष जमलोकी की पुण्य स्मृति में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का आज से हुआ शुभारंभ

आचार्य स्व श्रीहर्ष जमलोकी की पुण्य स्मृति में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का आज से हुआ शुभारंभ
लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। बद्री केदार मन्दिर समिति के पूर्व वेदपाठी व ऊखीमठ क्षेत्र में त्रिकालदर्शी नाम से विख्यात
आचार्य स्व0 श्रीहर्ष जमलोकी की पुण्य स्मृति में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का वेद ऋचाओं के साथ शुभारंभ हो गया है। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के आयोजन से ब्राह्मण खोली सहित ऊखीमठ क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है तथा सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के पहले दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्म की गंगा में डुबकी लगाई। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के शुभारंभ अवसर पर गुप्तकाशी देवशाल क्षेत्र के सुप्रसिद्ध कथावाचक दयानन्द देवशाली ने श्रीमद्भागवत कथा की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि जो मनुष्य श्रीमद्भागवत कथा का नियमित श्रवण कर परम पिता परमेश्वर के श्री चरणों में अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं वह मनुष्य सांसारिक सुखों को भोगकर अन्त में मोक्ष को प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नदियों में गंगा श्रेष्ठ, देवों मे इन्द्र, हाथियों में ऐरावत, नागों में वासुकी ऋतुओं में बसन्त को श्रेष्ठ माना गया है उसी प्रकार पितरों के मोक्ष के लिए श्रीमद्भागवत कथा को श्रेष्ठ माना गया है। कथा वाचक श्री देवशाली ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन से मनुष्य को लौकिक व पारलौकिक दोनों उद्देश्यों की समान रूप पूर्ति होती है तथा क्षेत्र में सुख समृद्धि बनी रहती है! उन्होंने कहा कि जो मनुष्य काम ,क्रोध, लोभ, मोह, अंहकार को त्याग कर प्रभु श्रीचरणों में अपना सर्वश न्यौछावर करता है जो मनुष्य देवलोक में भी पूजनीय होता है। इस अवसर पर आचार्य स्व0 श्रीहर्ष जमलोकी के पुत्र रत्न पण्डित विश्व मोहन जमलोकी द्वारा उनके जीवन चरित्र पर पुस्तक भाव पुष्पांजलि का विमोचन भी किया गया। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में रवीन्द्र बडोनी, नीरज पंत, हिमाशु मैठाणी द्वारा संगीत पर साथ दिया जा रहा है। इस मौके पर आचार्य बच्ची राम सेमवाल, पण्डित भगवती प्रसाद सेमवाल, उर्वीदत्त मैठाणी, जगदम्बा प्रसाद बेजवाल, सतीश चन्द्र नौटियाल, श्रीवर्ध जमलोकी, त्रिलोचनी देवी,नवीन मैठाणी,अभ्युदय जमलोकी, शिवम् जमलोकी, विनोद जमलोकी, सूरज जमलोकी, शुभम जमलोकी,शिक्षाविद घनानन्द मैठाणी, राजेन्द्र जमलोकी, राजन सेमवाल, कलाधर सेमवाल, आशा देवी, राजेश्वरी सेमवाल, शैलजा जमलोकी, रजनी जमलोकी, बिन्दुमती जमलोकी, सुधा किमोठी रश्मि बेजवाल, रंजना बेजवाल सरला पुरोहित, विनीता दरमोडा़ सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।

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