
देहरादून। उत्तराखंड मैं पुरानी पेंशन बहाली के लिए एक बार फिर पदाधिकारियों ओर कर्मचारियों का जनसम्पर्क शुरू हो गया है।
बता दें कि हिमाचल विधानसभा चुनाव में आये परिणामों से कर्मचारी संगठनों में पुरानी पेंशन बहाली हेतु आस जगने लगी है, हिमाचल में मुद्दे के असर को देखते हुए पुरानी पेंशन आंदोलन से जुड़े कर्मचारी बेहद उत्साहित हैं और उन्होंने 2023 में होने वाले स्थानीय निकाय और 2024 में लोकसभा चुनाव में इस मुद्दे को और अधिक हवा देने का फैसला किया है पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन उत्तराखंड के प्रांतीय प्रचार मंत्री हर्षवर्धन जमलोकी ने बताया कि अब उत्तराखंड में भी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा उन्होंने बताया हिमाचल चुनाव में कर्मचारियों और शिक्षकों के आंदोलन का प्रभाव देखने को मिला है अब पुरानी पेंशन बहाल करने वाला हिमाचल पांचवां राज्य होगा।
वहीं उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में पुरानी पेंशन की मांग को लेकर आंदोलन जारी है। इस आंदोलन को जल्द ही और अधिक बल दिया जाएगा। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन जिला कार्यकारिणी देहरादून को सम्बोधित करते हुए प्रांतीय प्रचार मंत्री ने बताया कि अब इस मुद्दे को लेकर कर्मचारियों से जनसंपर्क किया जाएगा एवं सभी ब्लाकों में कार्यकारिणी पुनर्गठन का काम शुरू किया जायेगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों से एकजुट होने की अपील की है l बैठक में जिलाध्यक्ष सुनील गुसाईं, जिला सचिव हेमलता कजालिया, ब्लाक अध्यक्ष (महिला) सहसपुर रूचि पैन्यूली,
अध्यक्ष अमित शेखर नेगी,पंकज, संगठन मंत्री सुधीर कुमार , रजनीश गुप्ता सहित सभी सदस्य उपस्थित रहे।



