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22 अप्रैल को प्रातः 08 बजे खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, महाशिवरात्रि पर्व पर हुई कपाट खुलने की तिथि घोषित,

लक्ष्मण सिंह नेगी।

ऊखीमठ। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में अग्रणी भगवान केदारनाथ के कपाट खोलने की तिथि महाशिवरात्रि पर्व पर शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर में पंचाग गणना के अनुसार घोषित कर दी गयी है। भगवान केदारनाथ के कपाट आगामी 22 अप्रैल को अमृत बेला पर प्रातः 8 बजे वृषक लग्न में ग्रीष्मकाल के लिए विधि – विधान से खोले जाएंगे, जबकि केदार पुरी के क्षेत्र रक्षक भैरवनाथ की पूजा 18 अप्रैल को शीतकालीन गद्दी ओकारेश्वर मन्दिर में सम्पन्न होगी तथा 19 अप्रैल को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर से कैलाश के लिए रवाना होगी! महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर मे मन्दिर समिति के अधिकारियों, विद्वान आचार्यों व हक – हकूधारियो की मौजूदगी में घोषित तिथि के अनुसार 18 अप्रैल को भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर में केदार पुरी के क्षेत्र रक्षक भैरवनाथ की पूजा अर्चना विधि विधान से सम्पन्न की जायेगी! लोक मान्यताओं के अनुसार भैरव पूजन के बाद भैरवनाथ केदार पुरी को रवाना हो जाते है। 19 अप्रैल को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर से भक्तों के जयकारों व आर्मी की बैण्ड धुनों के साथ कैलाश के लिए रवाना होगी तथा गुप्तकाशी , नाला, नारायण कोटी, मैखण्डा यात्रा पड़ावों पर श्रद्धालुओं को आशीष देते हुए प्रथम रात्रि प्रवास के लिए फाटा पहुंचेगी। 20 अप्रैल को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली फाटा से रवाना होकर शेरसी, बडा़सू रामपुर, सीतापुर, सोनप्रयाग यात्रा पड़ावों पर भक्तों को आशीष देते हुए अन्तिम रात्रि प्रवास के लिए गौरीमाई मन्दिर गौरीकुण्ड पहुंचेगी तथा 21 मई को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली गौरीकुण्ड से रवाना होकर जंगलचट्टी, भीमबली, लिनचोली होते हुए केदारनाथ धाम पहुंचकर भण्डार गृह में विराजमान होगी तथा 22 अप्रैल को प्रातः 8 बजे वृषक लग्न में भगवान केदारनाथ के कपाट विधि – विधान के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायेगें। महाशिवरात्रि पर्व पर ओकारेश्वर मन्दिर मे विभिन्न शहरो से आये दानियो के द्वारा भण्डारे का आयोजन किया गया। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित होने के मौके पर ओकारेश्वर मन्दिर पहुंचे बद्री केदार मन्दिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि आगामी यात्रा केदारनाथ पर आने वाले तीर्थ यात्रियो को बेहतर सुविधा देने के सामूहिक प्रयास किये जायेंगे। इस मौके पर रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, क्षेत्र पंचायत प्रमुख पंकज शुक्ला ,नग पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण, मन्दिर समिति उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, चार धाम मुख्य सलाहकार वी डी सिंह, उपजिलाधिकारी अनिल रावत, मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, मन्दिर समिति सदस्य देवी प्रसाद देवली , प्रह्लाद पुष्वाण, कार्तिकेय मन्दिर समिति अध्यक्ष बिक्रम नेगी, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश उनियाल, त्रिभुवन चौहान, जिला पंचायत सदस्य प्रीति पुष्वाण, अमित मैखण्डी , केदारनाथ मन्दिर प्रभारी यदुवीर पुष्वाण, लखपत राणा, सन्तोष त्रिवेदी, धर्माधिकारी ओकार शुक्ला, स्वयम्बर सेमवाल, यशोधर मैठाणी , विश्वमोहन जमलोकी, तुंगनाथ मन्दिर प्रबन्धक बलवीर नेगी, कुलदीप धर्म्वाण, सहित मन्दिर समिति अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, विद्वान आचार्य , हक – हकूकधारी सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।

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एम टी गंगाधर होगे केदारनाथ धाम के प्रधान पुजारी।

ऊखीमठ। मन्दिर समिति ने आगामी यात्रा सीजन वर्ष 2026 के लिए प्रधान पुजारियों को विभिन्न तीर्थ स्थलों में पूजा की जिम्मेदारी दे दी है! मन्दिर समिति से मिली जानकारी के अनुसार एम टी गंगाधर लिंग को केदारनाथ धाम में प्रधान पुजारी की जिम्मेदारी दी गयी है जबकि शिव शंकर लिंग मदमहेश्वर धाम के प्रधान पुजारी होगे तथा शान्त लिंग विश्वनाथ मन्दिर गुप्तकाशी तथा शिव लिंग ओकारेश्वर मन्दिर के प्रधान पुजारी होगें तथा बागेश लिंग को अतिरिक्त प्रधान पुजारी की जिम्मेदारी दी गयी है।

शीतकालीन यात्रियो का आकंडा 23 हजार के पार। ऊखीमठ। भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर में शीतकालीन यात्रा के दौरान 23 484 तीर्थ यात्रियों ने ओकारेश्वर मन्दिर में पूजा – अर्चना व जलाभिषेक कर विश्व समृद्धि की कामना की! जानकारी देते हुए केदारनाथ मन्दिर प्रभारी यदुवीर पुष्वाण ने बताया कि शीतकालीन यात्रा के दौरान ओकारेश्वर मन्दिर में 13805 पुरूषों, 8326 महिलाओं 1840नौनिहालों व 23 विदेशी सैलानियों ने पूजा – अर्चना व जलाभिषेक कर मनौती मांगी! उन्होने बताया कि इस बार इस बार शीतकालीन यात्रा मे भारी वृद्ध देखने को मिली है क्योकि विगत वर्ष शीतकालीन तीर्थ यात्रियो का आकंडा 15415 पर सिमट गया था ।

रावल पर लगाया धार्मिक परम्पराओ के साथ खिलवाड का आरोप।

ऊखीमठ। केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग द्वारा विगत दिनो नादेड महाराष्ट्र मे अपने उत्तराधिकारी की घोषणा करने पर बद्री केदार मन्दिर समिति पूर्व सदस्य जगदीश प्रसाद भट्ट व हकहकूधारियो ने रावल पर परम्पराओ के साथ खिलवाड करने का आरोप लगाया है । स्थानीय सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार महाशिवरात्रि पर्व पर ओकारेश्वर मन्दिर मे आयोजित बैठक मे केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग व हक – हकूकधारियो के मध्य कहासुनी का मामला प्रकाश मे आया है । हक ‘ हकूकधारियो का कहना है कि कोई भी फैसला या निर्णय परम्पराओ के अनुसार भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ओकारेश्वर मन्दिर मे होना चाहिए जबकि रावल भीमाशंकर लिंग ने अपने उत्तराधिकारी की घोषणा नादेड महाराष्ट्र मे कर धार्मिक परम्पराओ के साथ खिलवाड किया है । बद्री केदार मन्दिर समिति के पूर्व सदस्य जगदीश प्रसाद भट्ट ने कहा कि किसी भी फैसले या निर्णय लेने से पहले मन्दिर समिति व हक – हकूकधारियो के संज्ञान मे आना चाहिए था मगर रावल भीमाशंकर लिंग द्वारा अपने उत्तराधिकारी की घोषणा नादेड महाराष्ट्र मे करने से स्पष्ट हो गया है कि रावल भीमाशंकर लिंग धार्मिक परम्पराओ के साथ खिलवाड कर रहे है।

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