आंदोलनरत शिक्षकों ने खून से लिखा प्रधानमंत्री को पत्र

आंदोलनरत शिक्षकों ने खून से लिखा प्रधानमंत्री को पत्र
गुप्तकाशी। राजकीय शिक्षक संघ बीते एक माह से भी अधिक समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलनरत है। जनपद रुद्रप्रयाग के दर्जनों शिक्षकों ने मंगलवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने खून से पत्र लिखकर अपनी जायज मांगों का संज्ञान लेने की फरियाद लगाई है, इसके साथ ही प्रदेश सरकार को बड़े आंदोलन को लेकर भी चेताया है। जिलाध्यक्ष आलोक रौथाण ने बताया कि शिक्षकों का खून से पत्र लिखने का यह सिलसिला तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार शिक्षकों के भविष्य पर कुठाराघात करने वाली प्रधानाचार्य सीधी भर्ती को निरस्त न कर प्रवक्ता और प्रधानाचार्य पदों पर शत प्रतिशत पदोन्नति की अधिसूचना जारी न कर दे।
जिला मंत्री शंकर भट्ट ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप गढते हुए कहा है पूर्व में भी प्रदेश के शिक्षकों द्वारा प्रधानाचार्य सीधी भर्ती को लेकर व्यापक आंदोलन किया है, जिसमें सरकार द्वारा इस भर्ती को रोक जाने हेतु शिक्षकों से वादा किया गया और वर्तमान में प्रधानाचार्य पदों पर विज्ञप्ति जारी कर आंदोलनरत शिक्षकों की मनोबल को गिराया जा रहा है। जनपद रुद्रप्रयाग में प्रधानमंत्री को खून से पत्र लिखने वाले शिक्षकों में पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज तैला अमृता नौटियाल, राजकीय इंटर कॉलेज परकण्डी बिनय सेमवाल, विमल चन्द्र मंमगाई , रविन्द्र सिंह बिष्ट, यशवंत राणा, वसुधामा जमस्वान सहित दर्जनों शिक्षक ने अपना सहयोग दिया। जिला प्रवक्ता अजय भट्ट ने सभी संघनिष्ठ, क्रांतिकारी शिक्षकों का आभार प्रकट करते हुए शिक्षक साथियों से आह्वान किया है कि शिक्षक और शिक्षण व्यवस्था के सुधार हेतु चल रहे इस पुनीत यज्ञ में आप सभी संघनिष्ठ साथी अपने रक्त से पत्र लिखकर अवश्य आहुति प्रदान करें। यह आंदोलन सिर्फ वर्तमान शिक्षकों का नहीं अपितु प्रदेश भर के उन तमाम बेरोजगार युवाओं का भी है जो शिक्षा के क्षेत्र में अपना भविष्य तलाश रहे हैं।



