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तुंगनाथ घाटी में आफत की बारिश, ताला तोक में फिर सक्रिय हुआ भू-धंसाव, कुण्ड–चोपता राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर जोखिम भरा 

 लक्ष्मण सिंह नेगी

ढिलाणा प्राथमिक विद्यालय खतरे की जद में

राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने किया आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

ऊखीमठ। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तुंगनाथ घाटी में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। क्षेत्र के विभिन्न गांवों में भूस्खलन, भू-धंसाव की घटनाओं से लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। कुण्ड–चोपता राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर मलबा और पत्थर गिरने से यातायात बार – बार बाधित हो रहा है तथा सफर करना जोखिम भरा हो गया है। प्रशासन एवं संबंधित विभाग लगातार मार्ग को सुचारु रखने में जुटे हैं, लेकिन बारिश के कारण बार-बार मलबा आने से मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
मूसलाधार बारिश का सबसे अधिक असर प्राथमिक विद्यालय ढिलाणा पर दिखाई दे रहा है। विद्यालय के आसपास लगातार भूमि कटाव होने से भवन खतरे की जद में आ गया है। अभिभावकों और ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय परिसर का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र सुरक्षा दीवार और भू-संरक्षण कार्य नहीं किए गए तो विद्यालय भवन को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। ग्रामीण प्रेम सिंह मकान के निचले हिस्से में भूस्खलन होने से भविष्य में मकान खतरे की जद में आने की सम्भावना बनी हुई है।

कुण्ड – चोपता राष्ट्रीय राजमार्ग पर ताला तोक में भू-धंसाव एक बार फिर सक्रिय हो गया है। कई स्थानों पर भूमि में दरारें चौड़ी होने लगी हैं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। प्रधान प्रतिपाल बजवाल ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कर स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
विभिन्न क्षेत्रों में आपदा की सूचना मिलने पर राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ विभिन्न संवेदनशील स्थानों का जायजा लिया तथा प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। राज्य मंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जहां कहीं भी भूस्खलन, भू-धंसाव की स्थिति है, वहां तत्काल राहत एवं सुरक्षा कार्य शुरू किए जाएं ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कुण्ड–चोपता राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा हटाने के कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को यथाशीघ्र पूरी तरह सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी तरह तैयार रहें।ग्रामीणों ने राज्य मंत्री के समक्ष ढिलाणा विद्यालय की सुरक्षा, ताला तोक के भू-धंसाव के स्थायी समाधान तथा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षात्मक दीवारों और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की मांग रखी। इस पर राज्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर शासन स्तर पर भी प्रस्ताव भेजे जाएंगे। इस मौके पर भाजपा मण्डल अध्यक्ष योगेंद्र नेगी, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गौरव भट्ट सहित विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद रहे।

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