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 सैन्य सम्मान के साथ सैनिक प्रमोद जगवाण को दी गई अंतिम विदाई

सैन्य सम्मान के साथ सैनिक प्रमोद जगवाण को दी गई अंतिम विदाई

रूद्रप्रयाग। करीब 17 दिनों से लापता चल रहा फोर्थ गढ़वाल राइफल के नायक प्रमोद जगवाण का शनिवार को सैंनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सैंनिक प्रमोद विगत 30 अगस्त को रुद्रप्रयाग जवाड़ी बाईपास के समीप वाहन दुर्घटना में लापता चल रहे थे। शुक्रवार 15 सितम्बर को सैंनिक प्रमोद जगवाण का शव श्रीनगर डेम के पास से पुलिस ने बरामद किया,जिसकी पहचान परिजनों के माध्यम से की गयी। शुक्रवार को पुलिस ने प्रमोद के शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया था। शनिवार को सैंनिक प्रमोद जगवाण का पार्थिव शरीर उनके पैतृक घाट सूर्यप्रयाग घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मृतक सैनिक प्रमोद जगवाण 37 वर्ष 4 गढ़वाल राइफल में कलकत्ता में तैनात थे।

वाहन दुर्घटना में वे लापता चल रहा थे, शुक्रवार को पुलिस ने उनका शव श्रीनगर डेम साईट नदी से बरामद किया गया। उनके पार्थिव शरीर को लेपटनैंट अक्षय व सूबेदार धर्मेन्द्र के नेतृत्व में सेना की टुकड़ी ने सुमाड़ी से सूर्यप्रयाग घाट तक अंतिम यात्रा निकली। सूर्यप्रयाग घाट पर सैंनिक प्रमोद की अन्त्येष्टि में ब्लाक प्रमुख जखोली प्रदीप थपलियाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष वाचस्पति सेमवाल, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख अर्जून गहरवार, प्रधानाचार्य शिव सिंह रावत, धूम सिंह रावत, पूर्व प्रधान विजेन्द्र सिंह मेवाड़, प्रबंधक ललिता प्रसाद भट्ट, प्रबंधक भगतसिंह पुण्डीर, पूर्व क्षेपंस धीर सिंह बिष्ट, गिरवीर सिंह रावत, नागेन्द्र इंका बजीरा का समस्त विद्यालय परिवार,सहायक जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी ने उन्हें पुष्प चक्र अर्पित किए। रुद्रप्रयाग से आयी सेना की टुकड़ी ने उन्हें अंतिम सलामी दी। विदित हो कि सैंनिक प्रमोद जगवाण नागेन्द्र इंका बजीरा के प्रधानाचार्य शिव सिंह रावत के दामाद थे। उनके परिवार में माता,भाई,पत्नी गीता देवी व दो नाबालिग पुत्र एवं व पुत्री हैं। उनके पिता त्रिलोक सिंह जगवाण भी सेना से सेवानिवृत्त थे,जबकि मां गृहिणी हैं।

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