स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बचन राम गैरोला का साइन बोर्ड झाड़ियों से पटा, परिजनों व जनप्रतिनिधियों में रोष

लक्ष्मण सिंह नेगी।
ऊखीमठ। बांसबाड़ा–भण्ज–मोहनखाल मोटर मार्ग पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय बचन राम गैरोला की स्मृति में लगाया गया साइन बोर्ड इन दिनों झाड़ियों से पूरी तरह ढका हुआ है। लंबे समय से साफ-सफाई और रखरखाव के अभाव में बोर्ड पर उगी घनी झाड़ियां न केवल उसकी पहचान को छिपा रही हैं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही हैं। इस स्थिति को लेकर परिजनों, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों में शासन-प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया, लेकिन आज उनकी स्मृतियों का संरक्षण तक नहीं हो पा रहा है। सड़क किनारे स्थापित साइन बोर्ड वर्षों से उपेक्षा का शिकार है और विभागीय अधिकारियों ने इसकी सुध लेने की आवश्यकता भी महसूस नहीं की।
स्वतंत्रता सेनानी बचन राम गैरोला के परिजनों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यह केवल एक साइन बोर्ड का मामला नहीं है, बल्कि देश के लिए संघर्ष करने वाले सैनानियों के सम्मान से जुड़ा विषय है। यदि समय रहते इसकी सफाई और मरम्मत नहीं की गई तो व्यापक जनआंदोलन पर विचार किया जाएगा।
जिला पंचायत सदस्य कण्डारा अजयवीर भण्डारी ने भी इस उपेक्षा पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार एक ओर स्वतंत्रता सैनानियों के सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उनकी स्मृतियों के संरक्षण में घोर लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से तत्काल झाड़ियों की सफाई कर साइन बोर्ड को पूर्व स्थिति में लाने तथा नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित ऐतिहासिक एवं प्रेरणास्पद स्मृति चिह्नों का संरक्षण सरकार और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। ऐसे स्थलों की नियमित निगरानी और साफ-सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि नई पीढ़ी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से परिचित हो सके। इस संबंध में जब लोक निर्माण विभाग के एई नरेन्द्र कुमार से जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने कहा कि अब मामले की जानकारी मिली है और शीघ्र ही मौके का निरीक्षण कर झाड़ियों की सफाई कराई जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर साइन बोर्ड की मरम्मत एवं रंग-रोगन का कार्य भी कराया जाएगा।



