एकल शिक्षक के भरोसे 35 नौनिहालो के पठन – पाठन का जिम्मा, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। मदमहेश्वर घाटी की सीमान्त ग्राम पंचायत गडगू के अन्तर्गत प्राथमिक विद्यालय गडगू में विगत एक माह से 35 नौनिहालो के पठन – पाठन का जिम्मा एकल अध्यापक के भरोसे संचालित होने से प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग के दावो की पोल खुल चुकी है। विद्यालय मे तैनात दूसरे अध्यापक का स्थानांतरण चुपचाप किये जाने से ग्रामीणो व अभिभावको मे आक्रोश बना हुआ है जो कि कभी सड़को पर फूट सकता है।
सीमान्त क्षेत्रो के विद्यालयो मे अध्यनरत नौनिहालो के सर्वांगीण विकास के लिए प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग लाख दावे तो कर रही है मगर विद्यालय मे अध्यनरत नौनिहालो का पठन – पाठन एकल अध्यापक के भरोसे संचालित होने से नौनिहालो का पठन- पाठन खासा प्रभावित हो रहा है, वहीं एकल अध्यापक को भी अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। बता दे कि, प्राथमिक विद्यालय गडगू मे विगत कई समय से दो अध्यापक तैनात थे मगर विगत दिनो एक अध्यापक का स्थानांतरण होने के कारण विद्यालय मे अध्ययनरत नौनिहालो का पठन – पाठन एकल अध्यापक के भरोसे संचालित हो रहा है। अभिभावको व ग्रामीणो द्वारा विभागीय अधिकारियो से दूसरे अध्यापक की तैनाती की मांग की गयी है मगर आज तक अतिरिक्त अध्यापक की तैनाती न होने से अभिभावको मे आक्रोश बना हुआ है।
निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा का कहना है कि एक तरफ प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग शिक्षा की गुणवत्ता मे सुधार लाने का ढिंढोरा पीट रही है वही दूसरी ओर मदमहेश्वर घाटी के विभिन्न विद्यालयो मे अध्यापको की तैनाती न होने से नौनिहालो का भविष्य अंधकारमय बनता जा रहा है। उन्होने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते प्राथमिक विद्यालय गडगू व जूनियर हाई स्कूल जग्गी बगवान मे अध्यापको की तैनाती नही की गयी तो ग्रामीणो को प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ सड़को पर उतरने के लिए बाध्य होना पडेगा। निवर्तमान प्रधान बिक्रम सिंह नेगी का कहना है कि एक तरफ प्रदेश सरकार सीमान्त गांवो मे विकास की किरण पहुंचाने का दावा कर रही है दूसरी तरफ नौनिहालो के भविष्य के साथ खिलवाड किया जा रहा है। निवर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण राणा तथा वन पंचायत सरपंच दीपक राणा, महिला मंगल दल अध्यक्ष प्रियंका देवी, नव युवक मंगल दल अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नेगी का कहना है कि यदि शीघ्र विद्यालय मे अतिरिक्त अध्यापक की तैनाती नही की गयी तो ग्रामीणो व अभिभावको को आन्दोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन – प्रशासन व शिक्षा विभाग की होगी। वही, दूसरी ओर प्रभारी खण्ड शिक्षा अधिकारी अतुल सेमवाल ने बताया कि शीघ्र नये अध्यापको की तैनाती होने वाली है मानको के तहत विद्यालय मे अध्यापको की तैनाती की जायेगी।



