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21 मई को मध्यमहेश्वर व 2 मई तुंगनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि हुई तय

लक्ष्मण सिंह नेगी

ऊखीमठ। बैसाखी के पावन पर्व पर पंच केदारो में द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर व तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट खोलने तथा चल विग्रह उत्सव डोलियों के शीतकालीन गद्दी स्थलों से धाम रवाना होने की तिथियां शीतकालीन गद्दी स्थलों में पंचाग गणना के अनुसार घोषित कर दी गयी है। भगवान मदमहेश्वर के कपाट 21 मई को शुभलग्नानुसार कर्क लग्न में तथा भगवान तुंगनाथ के कपाट 2 मई को शुभलग्नानुसार मिथुन लग्न में ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायेगें।

भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में वैशाखी पर्व पर घोषित तिथि के अनुसार 30 अप्रैल को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली मक्कूमठ से रवाना होगी तथा प्रथम रात्रि प्रवास के लिए गाँव के मध्य भूतनाथ मन्दिर पहुंचेगी जहाँ पर स्थानीय भक्तों द्वारा नये अनाज का भोग अर्पितकर विशाल पुणखी मेले का आयोजन किया जायेगा। 1 मई को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली भूतनाथ मन्दिर से रवाना होकर विभिन्न यात्रा पडा़वो पर भक्तो को आशीर्वाद देते हुए अन्तिम रात्रि प्रवास के लिए चोपता पहुंचेगी! 2 मई को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली चोपता से रवाना होकर तुंगनाथ धाम पहुंचेगी तथा भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के धाम पहुंचने पर भगवान तुंगनाथ के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायेगें।

वही दूसरी ओर भगवान मदमहेश्वर के शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर में वैशाखी पर्व पर पंचाग गणना के तहत घोषित तिथि के अनुसार 18 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव मूर्तियां गर्भ गृह से सभा मण्डप में विराजमान होगी तथा स्थानीय भक्तों द्वारा नये अनाज का भोग अर्पित किया जायेगा! 19 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर से कैलाश के लिए रवाना होगी तथा डगवाडी, ब्राह्मण खोली, मंगोलचारी,सलामी फापज, मनसूना, राऊलैंक, उनियाणा यात्रा पड़ावों पर भक्तों को दर्शन देते हुए रात्रि प्रवास के लिए राकेश्वरी मन्दिर रासी पहुंचेगी। 20 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली राकेश्वरी मन्दिर रासी से रवाना होकर अन्तिम रात्रि प्रवास के लिए गौण्डार गाँव पहुंचेगी। 21 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली बनातोली, खटारा, नानौ, मैखम्भा, कूनचटटी यात्रा पड़ावों पर भक्तों को आशीर्वाद देते हुए मदमहेश्वर धाम पहुंचेगी तथा भगवान मदमहेश्वर चल विग्रह उत्सव डोली के धाम पहुंचने पर कर्क लगन में भगवान मदमहेश्वर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायेगें। भगवान मदमहेश्वर के शीतकालीन गद्दीस्थल ओकारेश्वर मन्दिर मे वैशाखी पर्व पर बूढा मदमहेश्वर के पुष्पक विमान ने भक्तो को आशीर्वाद दिये तथा भक्तो ने बूढ़ा मदमहेश्वर के पुष्पक विमान पर जौ की हरियाली सहित अनेक प्रजाति के पुष्प अर्पित कर विश्व समृद्धि की कामना की। इस मौके पर राज्य मंत्री चण्डीप्रसादभट्ट , मुख्य कार्यधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, केदारनाथ मन्दिर प्रभारी यदुवीर पुष्वाण, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण, मुख्य अभियन्ता अनिल ध्यानी , प्रधान पुजारी शिव शंकर लिंग, बागेश लिंग, टी गंगाधर लिंग, शिव लिंग, यशोधर मैठाणी, विश्व मोहन जमलोकी, नवीन मैठाणी , देवानन्द गैरोला, अर्जुन रावत, शिवानन्द पंवार, मदन सिंह पंवार, कालीमठ मन्दिर प्रबन्धक प्रकाश पुरोहित, तुंगनाथ मन्दिर प्रबन्धक बलवीर नेगी, मठापति राम प्रसाद मैठाणी, आशाराम नौटियाल, गिरीश देवली , रणजीत रावत, कुलदीप धर्म्वाण, हेमन्त धर्म्वाण, मन्दिर समिति अधिकारी, कर्मचारी सहित विद्वान आचार्य व हक – हकूकधारी मौजूद थे।

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