पहाड़ों में मौसम के बार-बार करवट लेने से जनजीवन प्रभावित

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। पहाड़ों में एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बीते कुछ दिनों से कभी धूप तो कभी घने बादल, हल्की वर्षा और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण मौसम अस्थिर बना हुआ है। मौसम के इस बदले मिजाज से न केवल तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, बल्कि आम जनजीवन भी खासा प्रभावित हो गया है। सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड का एहसास लोगों को फिर से सर्दियों का अहसास करा रहा है।
बार-बार मौसम बदलने से ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक कार्यों पर असर पड़ा है। खेत-खलिहानों में काम कर रहे किसानों को मौसम की अनिश्चितता के चलते कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वर्षा और बर्फबारी के कारण कई स्थानों पर कच्चे मार्ग फिसलन भरे हो गए हैं, जिससे आवाजाही में दिक्कतें बढ़ गई हैं। ऊंचाई वाले गांवों में ठंड बढ़ने से लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं। जानकारी देते हुए मदमहेश्वर घाटी गैड बष्टी के प्रगतिशील काश्तकार बलवीर राणा ने बताया कि मदमहेश्वर घाटी मे एक बार मौसम के करवट लेने से तापमान मे भारी गिरावट महसूस होने लगी है तथा जनजीवन खासा प्रभावित होने लगा है । मदमहेश्वर घाटी रासी के ग्रामीण शिव सिंह रावत ने बताया कि आने वाले समय मे यदि मौसम का मिजाज इसी प्रकार रहा तो मनणामाई तीर्थ, पाण्डव सेरा , नन्दीकुण्ड, मदमहेश्वर व विसुणीताल सहित ऊंचाई वाला भूभाग फिर बर्फबारी से लदक हो सकता है । तल्लानागपुर घिमतोली ग्वास निवासी दीपक नेगी का कहना है कि मौसम के अनुकूल बर्फबारी व बारिश होने से प्रकृति मे नव ऊर्जा का संचार तो हुआ है मगर मौसम के बार- बार बदलने से जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है ।



