डॉ जैक्स वीन नेशनल स्कूल गुप्तकाशी में स्थानीय लोक कलाकारों एवं विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए लोकगीत, पौराणिक लोकवाद्य ढोल वादन रहा आकर्षण

गुप्तकाशी। डॉ जैक्स वीन नेशनल स्कूल गुप्तकाशी में शिक्षा को रोचक, व्यावहारिक और संवेदनशील बनाने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की पहल पर भारतीय भाषा समर कैंप 2025 का आयोजन किया गया। शिविर के तीसरे दिन स्थानीय लोककला, लोक संगीत,ढोल वादन,गढ़वाली भाषा में देश भक्ति गीत व माँगल गीत गायन एवं लोक नृत्य का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि परम्परागत मांगल गीत गायिका एवं दाईमां श्रीमती यशोदा देवी, संस्कृतिकर्मी व सामाजिक कार्यकर्ता लखपत पुंडीर एवं विद्यालय प्रबंध समिति व अभिभावक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों द्वारा सरस्वती मंदिर में दीप प्रज्वलित और पुष्प अर्पण के साथ किया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम कक्षा दसवीं की छात्राओं द्वारा गढ़वाली भाषा में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। पौराणिक वाद्य यंत्रों के लिए कालीमठ से पहुंचे ढोल वादक राकेश लाल एवं भगत लाल द्वारा ढोल व दामाऊं पर कई बाजे और ताल बजाकर सभी को मंत्र मुग्ध किया। कक्षा बारहवीं के छात्र-छात्राओं द्वारा गढ़वाली में देश भक्ति समूह गान “बढ़दा जा
बढ़दा जा बढ़दा बढ़दा जा, बिगुल जीत कू बजा लाश बैर्यू की बिछा। रुकण ना दे झुकण ना दे देश की ध्वजा, रण बांकुरों मेरा बीर बहादुरों, जबकि कक्षा आठवीं के छात्र छात्राओं द्वारा देश भक्ति गढ़वाली गीत ” भारत माता को नाम अगने बढ़ोला,देश का खातिर हम जन दियोला!! सुणा मेरा भाइयों मेरी चिट्ठी आईं च सभि दगड़ियों की भाइयों सेवा लिखीं च, प्रस्तुत कर सभी को राष्ट्रभक्ति के रंग में डुबो दिया। तत्पश्चात सुमन सेमवाल द्वारा हारमोनियम वादन के साथ कन्नड़ भाषा का गीत अपनी मधुर आवाज में गा कर कार्यक्रम में सभींक ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम अध्यक्ष संस्कृतिकर्मी लखपत पुंडीर द्वारा भाषा समर कैंप की उपयोगिता को बताते हुए समसामयिक विषय एवं क्षेत्र की प्रगति में संघर्षशील युवा के जज्बे की सराहना करते हुए कविता पाठ किया।कार्यक्रम में ढोल दामाऊं की थाप पर छात्र छात्राओं द्वारा पांडव लोकनृत्य प्रस्तुत कर अपनी संस्कृति के प्रति समर्पित भाव को प्रदर्शित किया जिसकी सभी उपस्थित दर्शकों द्वारा सराहना की गई।

मुख्य अतिथि श्रीमती यशोदा देवी जी ने गढ़वाली भाषा में गणेश पूजन एवं विवाह आदि अवसरों पर गाए जाने वाले पारंपरिक मांगल गीत गाकर सभी को मंत्रमुग्ध किया उन्होंने कहा कि सी बी एस ई बोर्ड के निर्देशों पर आयोजित इस प्रकार के कार्यक्रम तभी सफल होते हैं जब अभिभावक, अध्यापक और विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं आयोजन में बढ़चढ़ कर प्रतिभाग करते हैं। अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष आशीष राणा ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि जहां एक ओर सभी गर्मी की छुट्टियों में चले जाते हैं वहीं हमारे विद्यालय के सभी शिक्षकगण बोर्ड के निर्देशों का पालन करते हुए सात दिवसीय समर कैंप का आयोजन कर रहे हैं जो कि हमारे पाल्यों के चहुमुखी विकास के लिए अति सराहनीय कार्य है। विद्यालय के चेयरपर्सन मनोज बेंजवाल ने कहा कि इन आयोजनों से छात्र छात्राओं का प्रत्यक्ष रूप से बौद्धिक विकास व सार्वजनिक व्यवहार क्षमता बढ़ती है जिससे वे सांस्कृतिक रूप से सजग और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक भी बनते हैं। विद्यालय प्रबंधक लखपत सिंह राणा द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का आभार ज्ञापित किया और कहा कि हम सदैव सीबीएसई बोर्ड और उत्तराखंड शिक्षा विभाग द्वारा निर्देशित कार्यों को संपादित करना अपना दायित्व समझते हैं और समर कैंप के तीसरे दिन की थीम के अनुसार ही आज सभी कार्यक्रमों को संपादित किया गया।उन्होंने कहा कि हम सभी इन कलाओं को नवाचारी तरीकों से कक्षा में भी लागू करते हैं। इस अवसर पर पी टी ए उपाध्यक्ष दीपक सेमवाल , सदस्य श्रीमती रेखा देवी,श्रीमती मंजू बगवाड़ी ,धनेश देवशाली , श्रीमती राजेश्वरी देवी
अभिभावकों,शिक्षकों और छात्र छात्राओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बनाया।



