विद्युत कटौती से आमजन परेशान

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। तहसील मुख्यालय सहित नजदीकी क्षेत्रों मे बिजली का गुल होना आम बात बनी हुई है। सीमान्त क्षेत्रो मे तीन चार दिनो तक बिजली के गुल होने का खामियाजा सीमान्त गांवो के ग्रामीणो को भुगतना पड़ रहा है। अघोषित विद्युत कटौती से भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ओकारेश्वर मन्दिर मे शाम – सुबह होने वाले वेदपाठ के साथ विद्युत व्यवसाय से जुड़े व्यापारियो का कामकाज खासा प्रभावित हो रहा है। सीमान्त गांवो के ग्रामीण मीलो दूरी तय कर सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयो मे अपने निजी कार्य करने के उद्देश्य से तहसील मुख्यालय तो पहुंचते है मगर घन्टो बिजली गुल होने से उन्हे वैरंग लौटना पड़ता है । क्षेत्र मे लम्बे समय से अघोषित विधुत कटौती होने के कारण उपभोक्ताओ मे ऊर्जा निगम के खिलाफ खासा आक्रोश बना हुआ है जो कि कभी भी सड़को पर फूट सकता है । उपभोक्ताओ का कहना है कि ऊर्जा निगम की लापरवाही के कारण क्षेत्र मे लम्बे समय से अघोषित विद्युत कटौती की समस्या बनी हुई है। जानकारी देते हुए कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ प्रदेश महामंत्री आनन्द सिंह रावत ने बताया कि ऊखीमठ सहित आसपास के इलाको मे हर घन्टे मे विद्युत कटौती होना आम बात हो गयी है । उनका कहना है कि केदार घाटी मे 25 मेगावाट की तीन लघु जल विद्युत परियोजनाओ मे विद्युत उत्पादन निरन्तर होने के बाद भी विद्युत कटौती होना स्थानीय उपभोक्ताओ के साथ सरासर धोखा है। इस से ऊर्जा निगम की लापरवाही साफ उजागर होती है । स्थानीय व्यापारी नवदीप नेगी ने बताया कि गर्मियो के सीजन मे अघोषित विधुत कटौती होने से व्यापारियो का कारोबार खासा प्रभावित हो रहा है तथा सांय ढलते ही बिजली गुल होना आम बात बनी हुई है । मदमहेश्वर घाटी की सीमान्त ग्राम पंचायत रासी निवासी शिव सिंह रावत ने बताया कि सीमान्त गांवो मे अघोषित विधुत कटौती की समस्या लम्बे समय से बनी हुई है तथा ऊर्जा निगम के अधिकारियो को बार – बार अवगत कराने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है । स्थानीय निवासी राय सिंह धर्म्वाण ने बताया कि भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर मे वेदपाठ शुरू होते ही बिजली गुल होना महीनो से जारी है। मदमहेश्वर घाटी विकास मंच पूर्व अध्यक्ष मदन भट्ट ने बताया कि सीमान्त गांवो के ग्रामीण सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयो मे कई मीलो दूरी तय करने के बाद तहसील मुख्यालय पहुंचते है मगर घन्टो बिजली के गुल रहने से ग्रामीणो को वैरंग लौटना पड़ता है।



