गुप्तकाशी में आयोजित होली मिलन समारोह में दिखी पारंपरिक होली की झलक

गुप्तकाशी। ग्यारह गांव रामलीला समिति तथा व्यापार मंडल की संयुक्त अगुवाई में गुप्तकाशी में स्थानीय लोगों द्वारा होली मिलन समारोह आयोजित कर लोगों को रंगों के इस पवित्र त्यौहार पर प्रेम , सौहार्द और मंगलमय जीवन का संदेश प्रेषित किया। होलियारों की टीम द्वारा मुख्य बाजार होते हुए जीएमवीएन गेस्ट हाउस मार्ग से प्रसिद्ध विश्वनाथ मंदिर स्थल पहुंची। यहां पर स्थानीय वाद्य यंत्रों के माध्यम से वीर, श्रृंगार और करुण रस के गीतों के माध्यम से होली के इस पवित्र त्यौहार को बेहद उत्साह से मनाया। ढोल सागर के बीच पांडवकालीन जागरों के उद्घोष से होलियारों ने पांडव नृत्य कर आपस में मिष्ठान वितरण और रंग लगाकर एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं ही प्रेषित की। इस दौरान प्रसिद्ध कवयित्री उपासना सेमवाल ने राजनीति पर तीखा तंज करते हुए अपनी कविता के माध्यम से स्थानीय महिलाओं को भी मंत्र मुग्ध कर दिया। ” जनता सुपन्या देखती रै नौकरियां ” कविता के माध्यम से राजनीतिक ताने बाने के बीच बेरोजगारों की लगातार बढ़ती तादात तिस पर शादी का ना होना गहरा प्रभाव छोड़ दिया। इस दौरान समिति के अध्यक्ष मदन सिंह रावत, मनोज पांडे, ओम प्रकाश गोस्वामी, विपिन सेमवाल प्रदीप सेमवाल, लखपत सिंह राणा, सुदर्शन नेगी, राकेश, बंशीधर अन्थवाल, मुकेश अन्थवाल समेत सैकड़ो लोग हॉलैंड मौजूद रहे।



