केदारघाटी के जंगलों में लगी आग, लाखों की वन संपदा स्वाह, वन्य जीवों के जीवन पर मंडराया खतरा

केदारघाटी के जंगलों में लगी आग, लाखों की वन संपदा स्वाह, वन्य जीवों के जीवन पर मंडराया खतरा
फाटा। केदारघाटी में फाटा क्षेत्र के समीप स्थित केदारनाथ वन्य जीव अभ्यारण के कालीमठ बीट क्षेत्र में लोछड़ा नामक पहाड़ी के जंगल भीषण आग की चपेट में आ गये है। जंगलों में भीषण आग लगने से लाखों की वन सम्पदा स्वाहा हो रही है तथा वन्य जीव – जन्तुओं के जीवन पर भी संकट के बादल मड़राने लगे हैं। यदि समय पर जंगलों में लगी भीषण आग पर काबू नहीं पाया गया तो आग विकराल रूप धारण कर सकती है जिससे पहाड़ी पर लगी आग सुरम्य मखमली बुग्यालों तक पहुँच सकती है। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग द्वारा जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिये गये हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फाटा क्षेत्र के सामने स्थित पहाड़ी के जंगल शनिवार से भीषण आग की चपेट में आ गये हैं। केदारनाथ वन्य जीव अभ्यारण के कालीमठ बीट के जंगलों में भीषण आग लगने से लाखों की वन सम्पदा स्वाहा हो रही है तथा जंगलों में जीवनयापन करने वाले अनेक प्रजाति के जीव जन्तुओं के जीवन पर संकट के बादल मड़राने लगे है।
कालीमठ बीट के लोछड़ा नामक पहाड़ी के जंगलों में लगी भीषण आग पर यदि समय रहते काबू नहीं पाया गया तो भीषण आग पहाड़ी के दूसरी छोर पर स्थित जाल, चौमासी के जंगलों तक पहुंच सकती है। वहीं भीषण आग से निकलने वाले धुएं से फाटा क्षेत्र में स्थित मैखण्डा, खाट, धानी,खड़िया, धार गांव, रविग्राम, जामू,सहित बड़ासू, शेरसी तक ग्रामीणों को भीषण धुएं के कारण दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग कालीमठ बीट के अनुभाग गौर सिंह करणी ने बताया कि फाटा के समीप कालीमठ बीट के लोछड़ा पहाड़ी के जंगलों में लगी भीषण आग पर काबू पाने के लिए शनिवार सुबह से ही चार सदस्यीय दल तैनात किया गया है तथा वन कर्मियों द्वारा अधिकांश हिस्सों में लगी आग पर काबू पा लिया गया है मगर एक तरफ चट्टानी इलाका होने के कारण आग पर काबू पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।जल्द ही आग पर काबू पा लिया जाएगा।



