गुप्तकाशी जाखधार मोटर मार्ग पर एक बरसात भी सह न पाई सुरक्षा दीवार, मानकों के अनुरूप कार्य न होने से आमजन में आक्रोश

रिपोर्ट/ विपिन सेमवाल
गुप्तकाशी। लोनिवि के घोर लापरवाही के चलते हाल ही में निर्मित सुरक्षा दीवार के उखड़ने से मार्ग जानलेवा बन गया है। लगातार हो रही बरसात के चलते इस स्थान पर कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है।
दरअसल वर्तमान में पीडब्ल्यूडी उखीमठ द्वारा गुप्तकाशी जाखधार मोटर मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर कॉज निर्माण, सुरक्षा दीवार, पुश्ते निर्माण के लिए लाखों रुपए की धनराशि स्वीकृत कर निर्माण कार्य किया जा रहा है, लेकिन अभियंता और ठेकेदार की मिलीभगत से मानकों के इतर कार्य होने से मार्ग जानलेवा बना हुआ है। हाल ही में है राइंकॉ गुप्तकाशी के निकट सुरक्षा दीवार निर्मित की गई थी, यह एक ऐसा स्थान है, जहां पर गत 10 वर्षों में लगभग सात बार कच्चे और पक्के पुश्ते निर्मित किए गए, लेकिन नीचे से हो रहे लगातार भू धंसाव के चलते यह दीवार हल्की बरसात भी नहीं सह पाई और देखते देखते दीवार का 15 फीसद हिस्सा भरभराकर गिर गया। हालांकि विभाग का कहना है कि इस बार इस स्थान पर आरसीसी डालकर दीवारें निर्मित की गई। लेकिन घटिया सामग्री और मानकों के इतर कार्य करने से यह दीवार क्षतिग्रस्त हो चुकी है ,जबकि इससे पूर्व ग्रामीणों द्वारा विभाग को कई बार इस बाबत अवगत कराया गया था ।
ग्रामीण विपिन कुमार ने बताया कि इससे पहले भी यहां पर सात बार दीवार निर्मित की जा चुकी है ,लेकिन प्रत्येक बरसात में दीवार टूट जाती है। उन्होंने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण और सरकारी धन को ठिकाने लगाने के लिए हर बार कमजोर दीवार निर्मित की जा रही है । उन्होंने कहा कि भू धंसाव वाले संवेदनशील स्थानों को चिन्हित करके उसके पक्के सुरक्षात्मक इंतजामात किए जाने चाहिए । उसके बाद ही दीवार निर्मित की जानी चाहिए थी। लेकिन कई बार अवगत कराने के बाद भी विभाग इस ओर लापरवाह बना हुआ है। इस बाबत अधिशासी अभियंता आरपी नैथानी से वार्ता की गई तो, उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है शीघ्र संबंधित ठेकेदार को दीवार पुनर्निर्माण के लिए निर्देशित किया जा चुका है। अब यक्ष प्रश्न तो यह है कि अभी तक ना ही दीवार की पेमेंट हुई है ना ही इसकी एमबी बनी है, और निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है, ऐसे में नए-नए निर्माण कार्य का यूं जमीदोज होना विभाग की कार्य प्रणाली पर जरूर प्रश्न चिन्ह उठाती है।



