राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने मदमहेश्वर पैदल मार्ग का लिया जायजा, ग्रामीणों की सुनी जनसमस्याएं

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने मदमहेश्वर घाटी के अकतोली से 6 किमी दूरी पैदल तय कर द्वितीय केदार मदमहेश्वर यात्रा के आधार शिविर गौण्डार- बनातोली के मध्य आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग का जायजा लिया तथा जन समस्याए सुनी। उनके मदमहेश्वर घाटी आगमन पर नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियो ने उनसे शिष्टाचार भेंट की तथा राज्य मंत्री ने सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियो को बधाई देते हुए सभी से क्षेत्र के विकास के लिए एक मंच पर आने का आवाहन किया। क्षेत्रीय जनता ने उन्हे क्षेत्र मे फैली अनेक समस्याओ से रूबरू करवाकर निराकरण की मांग की। जिस पर राज्य मंत्री ने मदमहेश्वर घाटी के जनमानस व नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियो को आश्वासन देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व मे देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व मे सीमान्त क्षेत्रो के चहुंमुखी विकास के लिए दर्जनो जन-कल्याणकारी योजनाये संचालित की जा रही है तथा प्रदेश सरकार सीमान्त क्षेत्र के हर व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियन्ता को निर्देश देते हुए कहा कि द्वितीय केदार मदमहेश्वर यात्रा के आधार शिविर गौण्डार- बनातोली के मध्य सेडूग के निकट आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग की जगह वैकल्पिक मार्ग शीध्र बनाया जाय जिससे मदमहेश्वर धाम की यात्रा समय पर सुचारू हो सके। राज्य मंत्री के गौण्डार गांव आगमन पर प्रधान अनूप पंवार ने बताया कि रविवार सुबह ऊंचाई वाले इलाको मे मूसलाधार बारिश होने से गौण्डार- बनातोली के मध्य सेडूग नाम स्थान पर 50 मीटर पैदल मार्ग भूस्खलन की भेंट चढने से आवाजाही बाधित हो गयी थी तथा प्रशासन व ग्रामीणो के सहयोग से अभी तक 161 तीर्थ यात्रियो का रेकस्यू कर सुरक्षित स्थानो पर पहुंचाया गया है। बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा वैकल्पिक मार्ग बनाने के लिए आठ मजदूरो को लगाया गया है मगर क्षेत्र मे लगातार बारिश होने तथा आपदा प्रभावित क्षेत्र मे बार – बार भूस्खलन होने से वैकल्पिक मार्ग बनाने मे बाधा पहुंच रही है तथा मदमहेश्वर धाम की यात्रा बन्द होने से घाटी का तीर्थाटन, पर्यटन व्यवसाय खासा प्रभावित हो गया है । बताया कि 14 अगस्त 2023 मे मोरखंडा नदी पर बना लोहे का गार्डर पुल नदी की तेज धाराओ मे समा गया था तथा वर्तमान समय मे तीर्थ यात्री व ग्रामीण जान हथेली पर रखकर ट्राली के सहारे आवाजाही करने के लिए विवश बने हुए है। वन पंचायत सरपंच फते सिंह पंवार ने बताया कि गौण्डार गांव व बनातोली के निचले हिस्से मे नदी के कटाव से खतरा बना हुआ है यदि समय रहते दोनो स्थानो के निचले हिस्सो मे सुरक्षा दीवालो का निर्माण नही किया गया तो भविष्य मे बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। इम मौके पर ज्येष्ठ प्रमुख राकेश नेगी , प्रधान बुरूवा मदन भट्ट, उनियाणा विशाम्बरी देवी कुवर सिंह नेगी , शिव सिंह नेगी , धर्म सिंह पंवार, मनजीत सिंह पंवार, सहित लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग के अधिकारी , विभिन्न गांवो के जनप्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद थे ।



