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क्षेत्र पंचायत की त्रैमासिक बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों के न पहुंचने पर भड़के जनप्रतिनिधि, लगाया सीमान्त विकासखण्ड ऊखीमठ की उपेक्षा का आरोप

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। क्षेत्र पंचायत की त्रैमासिक बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों के न पहुंचने पर बैठक स्थगित करनी पड़ी तथा सदन द्वारा निन्दा प्रस्ताव पारित कर जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। सदन में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने जिला स्तरीय अधिकारियों पर सीमान्त विकासखण्ड ऊखीमठ का उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा लगातार विकासखण्ड ऊखीमठ की अनदेखी की जा रही है जिससे विकास कार्यों को गति नहीं मिल पा रही है। निर्धारित समय से करीब आधे घन्टे विलम्ब से शुरू क्षेत्र पंचायत की बैठक की शुरुआत करते हुए क्षेत्र पंचायत प्रमुख श्वेता पाण्डेय ने सदन में मौजूद जनप्रतिनिधियों की राय मांगी की जिला स्तरीय अधिकारियों के उप राष्ट्रपति के केदारनाथ दौरे के कारण व्यस्त होने के कारण बैठक में सम्मिलित नहीं हो पाये हैं इसलिए सदन में मौजूद जनप्रतिनिधियों के निर्णय के अनुसार बैठक का संचालन होगा, जिस पर सदन में मौजूद जनप्रतिनिधि भडक उठे तथा जिला स्तरीय अधिकारियों पर विकासखण्ड ऊखीमठ की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा हमेशा ऊखीमठ विकासखण्ड की उपेक्षा की जाती है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। कनिष्ठ प्रमुख शैलेन्द्र कोटवाल ने सदन में मौजूद अधिकारियों से कहा कि जो अधिकारी सदन में मौजूद जनप्रतिनिधियों के सवालों की सही जानकारी दे वही अधिकारी सदन में मौजूद रहे। वहीं, सदन में उपस्थित जिला पंचायत सदस्य गणेश तिवारी ने कहा कि ऊखीमठ विकासखण्ड की हमेशा उपेक्षा करना समझ से परे है। क्षेत्र पंचायत सदस्य सोमेश्वरी भटट्, उषा भटट् ने कहा कि पूर्व में भी क्षेत्र पंचायत की बैठक स्थगित की गयी। प्रधान कुन्ती देवी ने कहा कि आज तक क्षेत्रीय विधायक का क्षेत्र पंचायत की बैठक में उपस्थित न रहना यक्ष प्रश्न है। प्रधान संगठन सुभाष रावत ने कहा कि 30 सूत्रीय कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला स्तर पर गठित नियमित एवं रचनात्मक संवाद समिति में भी ऊखीमठ विकासखण्ड की अनदेखी की गयी है। जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा ने कहा कि खनन न्यास मद में करोड़ों का राजस्व ऊखीमठ तहसील से प्राप्त होने के बाबजूद खनन न्याय की बन्दर बांट कर ऊखीमठ की अनदेखी की जा रही है। बैठक स्थगित होने पर सदन में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर अपने गुस्से का इजहार किया। इस मौके पर ज्येष्ठ प्रमुख कविता नौटियाल, प्रधान संगठन संरक्षक सन्दीप पुष्वाण मीडिया प्रभारी योगेन्द्र नेगी, प्रधान विक्रम सिंह नेगी, अरविंद राणा, त्रिलोक रावत, आशा सती, राकेश रावत, विजयपाल नेगी, सरोज भटट्, प्रेमलता पन्त, बलवीर भटट्, प्रर्मिला देवी, कुवर सिंह बजवाल, राजेश्वरी देवी,सावित्री देवी, कमलेन्द्र नेगी, राकेश रावत, सुदर्शन राणा, प्रेम सिंह नेगी सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि मौजूद थे

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