हेली सेवाओं की मनमानी से आम जन परेशान, मानकों की हो रही अनदेखी

रिपोर्ट/ बिपिन सेमवाल
गुप्तकाशी। श्री केदारनाथ धाम यात्रा में संचालित हेली सेवाएं मानकों के इतर चल रहे हैं , इनके विरुद्ध सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करना चाहते हैं, तो आपकी शिकायत दर्ज नहीं होगी, हालांकि अन्य विभागों की शिकायत दर्ज की जाएगी । यह जानकारी सीएम हेल्पलाइन नंबर 1905 से बात करने पर प्राप्त हुई । दरअसल उत्तराखंड शासन द्वारा जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिये 1905 टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करने हेतु बेहतरीन पहल की है। जनता विभिन्न विभागों में हो रही लेट लतीफी , अधिकारी कर्मचारियों की उदासीनता के मध्य नजर शिकायत दर्ज करते हैं। हालांकि वह अलग मुद्दा है कि इनमें से 80% शिकायतों का निराकरण नहीं हो पाता है । लेकिन हाल ही दिनों में सीएम हेल्पलाइन द्वारा एक अजीबोगरीब निर्णय लिया गया, कि मानकों को ढेंगा दिखाने वाले हेलीकॉप्टर सेवा से संबंधित किसी भी समस्या के निराकरण के लिए इस पोर्टल पर पंजीकरण नहीं किया जा सकता है, हालांकि वह अन्य विभागों के बारे में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। ताजा तरीन घटनाक्रम गुप्तकाशी निवासी विपिन कुमार ने कहा कि उन्होंने गत वर्ष सीएम पोर्टल पर मानकों के इतर चलने वाले हेलीकॉप्टर , ऊंचाई मेंटेन ना करके अनियमित उड़ान भरने, तयशुदा समय से पहले और बाद में संचालित हवाई सेवाओं के विरुद्ध शिकायत दर्ज की थी। लेकिन लगभग 11 माह होने के बाद भी अभी तक उक्त शिकायत का निराकरण नहीं हो पाया है। हालांकि इस संबंध मैं एक औपचारिक बैठक जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों तथा हेली संचालकों के साथ की गई थी, जिसमें महज 10 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता की समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया था, लेकिन इस बात के भी 6 माह गुजर चुके हैं। 6 माह बाद भी जब शिकायतकर्ता की शिकायत पर कोई निर्णय नहीं लिया गया ,तो मजबूरन उन्होंने 1905 सीएम पोर्टल हेल्पलाइन पर अपने शिकायतों के निराकरण तथा नई शिकायत दर्ज करनी चाही ,लेकिन उन्होंने उनकी शिकायत दर्ज करने के लिए साफ मना कर दिया । विपिन कुमार ने बताया कि गुप्तकाशी स्थित आर्यन एवियशन का हेली लगातार उनके गांव और मकान के ऊपर से भयंकर शोर करते हुए गुजरता है, जिससे उनके बच्चों की शिक्षा के पठन पाठन और तथा वृद्ध माता को खासी दिक्कतें आ रही है ।उन्होंने बताया कि वह छोटी-छोटी संदेशप्रद गढ़वाली फिल्में भी अपने घर में ही एडिटिंग करते हैं, लेकिन लगातार हेलीकॉप्टर के शोर के कारण यह कार्य बार-बार बाधित होता है। इस हेतु गत वर्ष उन्होंने सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज की थी ,लेकिन अभी तक उक्त हेलीकॉप्टर उनके मकान के ऊपर से भयंकर गर्जना करते हुए आवा जाही कर रहा है। जब इस बाबत विपिन कुमार ने 1905 सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करनी चाही, तो वहां से कहा गया कि हेलीकॉप्टर के विरुद्ध कोई भी शिकायत दर्ज नहीं की जाएगी। विपिन कुमार बताते हैं कि उन्होंने लगभग 10 बार अपने निजी नंबर से उक्त हेल्पलाइन में बार-बार शिकायत दर्ज करने की गुहार लगाई, लेकिन वहां से यही बताया गया कि इस पोर्टल पर हवाई सेवाओं के विरुद्ध कोई भी शिकायत दर्ज नहीं की जाएगी। विपिन कुमार बताते हैं कि जब शासन और प्रशासन आम जनमानस के हित की बात नहीं कर सकते हैं ,तो उन्हें सीएम हेल्पलाइन जैसी औपचारिक पोर्टल खोलने का कोई हक नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि उक्त हेलीकॉप्टर का मार्ग अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया तो वह हाई कोर्ट जाने को बाध्य हो जाएंगे। हेली प्रदाता कंपनियों की दबंगई का इससे बड़ा उदाहरण क्या मिल सकता है कि सीएम, डीएम और संबंधित अधिकारियों के किसी भी निर्देश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है ।



