उत्तराखंड

एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने विद्यालय में चलाया जागरुकता अभियान

नशे से दूर रहने व साइबर अपराधों से बचने के टिप्स को अपने घर परिवार व समाज तक पहुंचाने की की गयी अपील।

रूद्रप्रयाग। एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने जनपद के विद्यालय में जाकर  जागरुकता कार्यक्रम चलाया।

पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे के निर्देशन में जन जागरुकता अभियान में जनपद रुद्रप्रयाग के एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स प्रभारी निरीक्षक मनोज नेगी व उनकी टीम द्वारा आज श्री गुरू राम राय पब्लिक स्कूल तिलणी (रुद्रप्रयाग) पहुंचकर विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों, साइबर अपराध व यातायात नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी। नशे के दुष्प्रभावों इसकी लत से परिवार के परिवार बर्बाद हो रहे हैं। इसके लिए स्वयं को ऐसे माहौल से दूर रखा जाना आवश्यक है। इसके लिए शिक्षकों व बच्चों के अभिभावकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि क्या उनके विद्यालय अथवा घर में रह रहे बच्चे के स्वभाव या व्यवहार में कोई परिवर्तन तो नहीं आ रहा है। यदि इस प्रकार का किसी प्रकार का संदेह महसूस होता है तो ऐसे में बच्चे की निगरानी, काउन्सिलिंग किया जाना आवश्यक है।
छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध के बारे में बताया गया कि आज के समय में होने वाला एक ऐसा अपराध है, जिसमें हम लोभ लालच और झांसे में आकर फंस जाते हैं, जब तक जानकारी हो पाती है, तब तक काफी देर हो जाती है। छात्र-छात्राओं को यह भी बताया गया कि अक्सर हम लोग मोबाइल फोन के उपयोग के समय भी लापरवाही बरतते हैं, गूगल या अन्य सर्च इंजन में हैल्पलाइन नम्बर ढूंढने का प्रयास करते हैं, ऐसे में साइबर ठग काफी नुकसान कर जाते हैं। साइबर अपराध एक ऐसा अपराध है कि आप से बहुत दूर रहने वाला व्यक्ति भी बैठे बिठाये भारी भरकम आर्थिक नुकसान दे सकता है। इस प्रकार के अपराध से बचने हेतु सतर्कता और जागरुकता का होना अत्यन्त आवश्यक है। सतर्कता यह कि कोई भी अन्जान व्यक्ति हमें अपने जाल में न फांस ले और जागरुकता यह कि हम अपनी निजी जानकारी किसी से भी साझा न करें। विशेषकर लॉटरी लगने, पैसा डबल होने, कम दामों में कीमती सामान मिलने जैसे लुभावने ऑफरों से बचने की जानकारी दी गयी। अपने एटीएम कार्ड की जानकारी, पीछे लिखे तीन अंकीय कोड या एटीएम का गुप्त कोड किसी को नहीं बताना है। इस दौरान उत्तराखण्ड पुलिस एप के विभिन्न फीचरों व गौरा शक्ति मॉड्यूल की जानकारी दी गयी तथा सभी बच्चों को इस एप को अपने या घर वालों के फोन में इंस्टाल करने के बारे में बताया गया। साथ ही बताया गया कि वे अपने घर परिवार और समाज में रहने वाले लोगों को भी अपने स्तर से जागरुक कर सकते हैं। छात्र-छात्राओं को बताया गया कि वे लोग विभिन्न प्रकार की खेल प्रतियोगितायों में प्रतिभाग करें, ऑनलाइन गेमिंग से दूर रहें या नियंत्रित ढंग से खेलें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर साइबर क्राइम हैल्पलाइन नम्बर 1930 पर कॉल करने हेतु बताया गया। साथ ही यातायात नियमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि अपने वाहनों को निर्धारित गतिसीमा में ही चलायें, नाबालिग बच्चे वाहन का संचालन न करें, बच्चें अपने घर परिवार व समाज में भी इस प्रकार का सन्देश अवश्य दें कि कोई भी व्यक्ति नशे में वाहन का संचालन न करें।
इस अवसर पर साइबर क्राइम हैल्पलाइन नम्बर 1930, आपातकालीन हैल्पलाइन नम्बर डायल 112 को अपनी नोट बुक में लिखने व जरूरत पड़ने पर उपयोग करने हेतु बताया गया।
इस दौरान छात्र-छात्राओं को जनपद पुलिस के स्तर से तैयार किये गये जागरुकता पम्पलेट्स वितरित किये गये।
जागरुकता कार्यक्रम मे विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री दिनेश नेगी, शिक्षकगण व 120 छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे।
पुलिस के स्तर से चलाये गये जागरुकता कार्यक्रम का विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक गणों ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार प्रकट किया गया। जनपद रुद्रप्रयाग पुलिस का वृहद जागरुकता अभियान निरन्तर जारी है।

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