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बद्री केदार के दर्शन के बाद भगवती राज राजेश्वरी एवं वाणासुर महाराज विराजे अपने स्थान, भक्त हुए भावुक

बद्री केदार के दर्शन के बाद भगवती राज राजेश्वरी एवं वाणासुर महाराज विराजे अपने स्थान, भक्त हुए भावुक
रिपोर्ट : लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ। द्वापर युग में शोणितपुर नगरी के नाम से विख्यात ग्राम पंचायत लमगौण्डी के ग्रामीणों की अराध्य देवी भगवती राज राजेश्वरी एवं वाणासुर महाराज की 26 वर्षों बाद आयोजित 17 दिवसीय दिवारा का समापन विशाल हवन व भण्डारे के साथ हो गया है! दिवारा यात्रा के समापन के बाद जगत जननी राज राजेश्वरी जगत कल्याण एवं वाणासुर महाराज अपने भक्तों के कल्याण हेतु अपने पूजा स्थलों में तपस्यारत हो गयें है। दिवारा यात्रा के समापन पर सैकड़ों भक्त शामिल हुए तथा महिलाओं में भावुक क्षण देखने को मिले 26 वर्षों बाद विगत 21 अगस्त को अपने तपस्थली लमगौण्डी से शुरू हुई भगवती राज राजेश्वरी एवं वाणासुर महाराज की दिवारा यात्रा ने विश्वनाथ नगरी गुप्तकाशी, शिव पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनाराण, गौरा की तपस्थली गौरीकुण्ड, पर्वतराज हिमालय की गोद में बसे भगवान केदारनाथ, सिद्धपीठ कालीमठ, भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर तथा मोक्षधाम बद्रीकाश्राम सहित विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करने के बाद मंगलवार को अपने पूजा स्थल लमगौण्डी गाँव पहुंची थी। बुधवार को लमगौण्डी गाँव में विद्वान आचार्यों ने ब्रह्म बेला पर पंचाग पूजन के तहत पंचनाम देवी – देवताओं के साथ भगवती राज – राजेश्वरी एवं वाणासुर महाराज का आवाहन कर आरती उतारी। ठीक 11 बजे से विशाल हवन का श्रीगणेश किया तथा विद्वान आचार्यों ने हवन कुंड में अनेक प्रकार की पूजा सामाग्री की आहूति डालकर विश्व समृद्धि व क्षेत्र के खुशहाली की कामना की। हवन की पूर्णाहुति के पावन अवसर पर कई देवी – देवता नर रूप में अवतरित हुए तथा भक्तों को आशीर्वाद दिया तथा भक्तों ने भगवती राज राजेश्वरी एवं वाणासुर महाराज से मनौती मांग। 17 दिनों तक विभिन्न तीर्थों का भ्रमण करने के बाद दिवारा यात्रा के निर्विघ्नं सम्पन्न होने पर दिवारा यात्रा समिति के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व लमगौण्डी के ग्रामीणों ने आम जनमानस का आभार व्यक्त किया है। इस मौके पर दिवारा यात्रा समिति अध्यक्ष पुष्पेन्द्र प्रकाश शुक्ला , पूर्व राज्य मंत्री दिनेश बगवाडी, बद्री केदार मन्दिर समिति सदस्य श्रीनिवास पोस्ती, दिवारा यात्रा समिति संरक्षक सुरेन्द्र शर्मा, व्यवस्थापक सुधीर पोस्ती, सचिव सुरेश बगवाडी, उपाध्यक्ष अजय जुगरान, कोषाध्यक्ष नरेन्द्र शर्मा, सह कोषाध्यक्ष प्रदीप तिनसोला,मीडिया प्रभारी सुबोध बगवाडी, प्रधान अखिलेश सजवाण, क्षेपस दुर्गेश वाजपेयी, पण्डित बच्ची राम सेमवाल, सचिदानंद सेमवाल,महेन्द्र पुरोहित, देवेन्द्र पोस्ती,जगदीश बगवाडी, कृष्णा जुगरान, पवन पोस्ती, मनोज बगवाडी, आशीष अवस्थी, शिव प्रसाद शुक्ला, डा0 जगदीश बाजपेयी, शंकर प्रसाद अवस्थी, किशन अवस्थी, प्रेम प्रकाश जुगरान, विजेन्द्र शर्मा ,अरूण मौर्य, राकेश तिनसोला, दिर्घायु अवस्थी, ईश्वर चन्द्र अवस्थी, दर्शन सजवाण, गोपाल शुक्ला, मनीष बगवाडी, विष्णु ऋषि अवस्थी, संजय पोस्ती, दिलीप तिनसोला, शम्भू वाजपेयी, दीपक जुगरान, विष्णु वाजपेयी, विकास तिनसोला, आगम वाजपेयी, अभिषेक वाजपेयी, राजेन्द्र शर्मा, कार्तिकेय पोस्ती, योगेन्द्र वाजपेयी, नीरज मौर्य, राजेश पोस्ती , अरूण अवस्थी, महेश बगवाडी, संजय सजवाण, चुन्नी लाल शर्मा सहित दिवारा यात्रा समिति पदाधिकारी, सदस्य, तीर्थ पुरोहित समाज व देश – विदेश के सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

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