रेलवे सुरंग में वाहन की चपेट में आने से स्थानीय युवक की हुई मौत, आक्रोशित लोगों ने बद्रीनाथ हाइवे पर किया चक्का जाम

रेलवे सुरंग में वाहन की चपेट में आने से स्थानीय युवक की हुई मौत, आक्रोशित लोगों ने बद्रीनाथ हाइवे पर किया चक्का जाम
बदरीनाथ हाईवे लगाया स्थानीय लोगों ने ढाई घंटे जाम
रुद्रप्रयाग। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के एडिट 7 जवाड़ी बाईपास में सुरंग के अंदर कंपनी में कार्यरत स्थानीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई।
इस हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय जनता ने बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया तथा स्थानीय लोगों ने कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सुरंग में मजदूरों की सुरक्षा के प्रति कंपनी गंभीर नहीं है, जिससे इस तरह की लगातार घटनाएं हो रही है। आक्रोशित लोगों ने घटना के बाद करीब दो से ढाई घंटे बदरीनाथ हाईवे जाम किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से तीखी नोक झोक भी हुई।
जिला मुख्यालय से चार किमी दूर बद्रीनाथ हाईवे के नीचे जवाड़ी बाईपास पर ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन का कार्य चल रहा है। गुरुवार को भी टनल का कार्य जारी था। वहीं मेगा कंपनी में कार्यरत भाणाधार रुद्रप्रयाग निवासी सुनील गोस्वामी पुत्र बृजमोहन गोस्वामी उम्र 37, गुलाबराय जवाडी बाईपास स्थित सुरंग के अंदर एक वाहन साफ कर रहा था कि इसी बीच विपरीत दिशा से आ रहे एक भारी ट्रक की चपेट में आने से युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि टनल के अंदर सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे जिस कारण इस तरह का हादसा हुआ। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय लोग आक्रोशित होकर मौके पर पहुंच गए। करीब आधा घंटा टनल पर हंगामा और प्रदर्शन करने के बाद स्थानीय लोगों ने बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
इस दौरान बद्रीनाथ राजमार्ग के दोनो ओर वाहनों की लम्बी कतार लग गई। आक्रोशित लोगों ने रेलवे की कार्यदायी संस्था मेगा कंपनी के साथ ही पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों से हाईवे खोलने का आग्रह करती रही किंतु वह एक न माने। कई बार पुलिस व जनता के बीच कहा सुनी हुई। इस बीच रुद्रप्रयाग विधायक भरत सिंह चौधरी, प्रशासन की ओर से एसडीएम दीपेंद्र नेगी, सीओ रुद्रप्रयाग प्रबोध घिल्डियाल, सीओ यातायात हर्षवर्द्धनी सुमन, तहसीलदार मंजू राजपूत, एसडीएम परमानंद, कोतवाल जयपाल नेगी मौके पर पहुंचे।
उनके द्वारा भी प्रदर्शनकारियों से वार्ता की गई किंतु प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जब तक रेलवे की कार्यदायी संस्थान मेगा कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर सहित प्रमुख अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते वह तब तक जाम नहीं खोला जाएगा। काफी प्रयासों के बाद एक शिष्टमंडल द्वारा विधायक भरत सिंह चौधरी के नेतृत्व में अधिकारियों की मौजूदगी के बीच मेगा कंपनी के अधिकारियों से वार्ता की गई। वार्ता में कंपनी द्वारा उचित मुआवजा देने की बात कही गई। इधर शिष्टमंडल वार्ता के लिए एक होटल में गया कि इसी बीच सांय 4 बजे जाम भी खोल दिया गया। प्रदर्शन करने वालों में सभासद लक्ष्मण सिंह कप्रवाण, संतोष रावत, विकास डिमरी, राजेंद्र नौटियाल, संजू, मुकेश, गणेश सहित बड़ी संख्या में मेगा कंपनी में कार्यरत वाहन चालक और मजदूर शामिल थे।
कंपनी और पीड़ित परिवार के बीच हुआ समझौता
रुद्रप्रयाग। घटना के बाद पीड़ित परिवार और मेगा कंपनी के अधिकारियों की वार्ता हुई। जिसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हुआ। प्रशासन, पुलिस और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुए समझौते में कंपनी द्वारा मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की बात कही गई। जबकि उन्हें बीमा आदि का भुगतान किया जाएगा। कंपनी के जनरल मैनेजर एचएन सिंह ने बताया कि मृतक वाहन चालक को कंपनी की ओर से उचित मुआवजा दिया जाएगा। इधर, प्रदर्शनकारियों की कंपनी से एक करोड़ मुआवजा देने की मांग थी।



