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भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान भगवती नन्दा क्षेत्र के विभिन्न गांवों का कर रही भ्रमण, ग्रामीण कर रहे फूल मालाओं से स्वागत

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान भगवती नन्दा इन दिनों तुंगनाथ घाटी के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों की कुशलक्षेम पूछ कर ग्रामीणों को आशीर्वाद दे रही है तथा ग्रामीणों द्वारा भगवती नन्दा के आगमन पर फूल मालाओं से स्वागत किया जा रहा है, साथ ही विभिन्न पकवान अर्पित कर तथा बगडवाल नृत्य का आयोजन कर क्षेत्र के खुशहाली व विश्व समृद्धि की कामना की जा रही है। भगवती नन्दा के आगमन से तुंगनाथ घाटी का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है तथा ग्रामीणों द्वारा भगवती नन्दा का भव्य स्वागत पुष्प वर्षा से किया जा रहा है तथा महिलाओं द्वारा भगवती नन्दा की विदाई भावुक क्षणों के साथ की जा रहीं हैं। भगवती नन्दा जिस गाँव में पर्दापण कर रही है उस गाँव में महिलाओं द्वारा पौराणिक जागरो के माध्यम से भगवती नन्दा की महिमा का गुणगान किया जा रहा है। मक्कूमठ में विराजमान भगवती नन्दा प्रतिवर्ष शारदीय नवरात्रों के नवमी के दिन मक्कूमठ से काण्डा गाँव पहुंचती है तथा विभिन्न गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों को आशीर्वाद देती है तथा भगवती नन्दा के आगमन पर ग्रामीणों द्वारा अनेक धार्मिक परम्पराओं का आयोजन किया जाता है। इसी परम्परा के अनुसार सोमवार देर सांय को भगवती नन्दा कान्डा गाँव पहुंची तथा मंगलवार को ग्रामीणों ने बगडवाल नृत्य का आयोजन कर भगवती नन्दा को अनेक प्रकार के भोग अर्पित कर मनौती मांगी। मंगलवार देर सांय को भगवती नन्दा हूण्डू गाँव के लिए रवाना होगी। उक्त आशय की जानकारी देते हुए प्रधान उषाडा कुवर सिंह बजवाल ने बताया कि 25 अक्टूबर को भगवती नन्दा उषाडा, 26 को दैडा़, 27 को पर्यटक गाँव सारी पहुंचेगी तथा 28 अक्टूबर को सारी गाँव में भव्य मेले का आयोजन किया जायेगा तथा 29 अक्टूबर को भगवती नन्दा भावुक क्षणों के साथ सारी गाँव से विदा होगी तथा अपने तपस्थली मक्कूमठ पहुंचने पर जगत कल्याण के लिए तपस्यारत होगी। सामाजिक कार्यकर्ता हरेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि भगवती नन्दा के आगमन से क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। वन पंचायत सरपंच उमेद सिंह नेगी ने बताया कि भगवती नन्दा प्रति वर्ष विभिन्न गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों को आशीर्वाद देती है तथा भगवती नन्दा का ग्रामीणों द्वारा भव्य स्वागत किया जा रहा है। चैत सिंह नेगी ने बताया कि शारदीय नवरात्रों में नन्दा आगमन की परम्परा युगों पूर्व की है। शेर सिंह नेगी ने बताया कि भगवती नन्दा की विदाई का क्षण भावुक होता है।

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