केदारनाथ यात्रा तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा जिला प्रशासन, सड़क, स्वास्थ्य, सुरक्षा व स्वच्छता व्यवस्थाओं की समीक्षा

जिलाधिकारी के सख्त निर्देश : यात्रा सुरक्षा व व्यवस्थाओं में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
रूद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा 22 अप्रैल से प्रारंभ होने जा रही है। यात्रा को सुरक्षित एवं सफल बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग द्वारा तैयारियों को अंतिम चरण में तेजी के साथ पूरा किया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला कार्यालय स्थित एन.आई.सी. सभागार में जिला स्तरीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों द्वारा अब तक की गई तैयारियों एवं शेष कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं, विभागीय दायित्वों एवं प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सभी कार्य हर हाल में पूर्ण किए जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग व्यवस्थाओं की समीक्षा
जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग की स्थिति की समीक्षा करते हुए भूस्खलन एवं भू-धसाव संभावित क्षेत्रों में किए जा रहे उपचारात्मक कार्यों की प्रगति जानी। नरकोटा, जवाड़ी बाईपास, तिलवाड़ा, गंगानगर, चंद्रापुरी, सौड़ी, बांसवाड़ा, काकड़ागाड़, गुप्तकाशी, गंगाधाम, खुमेरा, देवीदार, व्योगाड़, डोलियादेवी, तरसाली, रामपुर एवं मुनकटिया सहित विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की जानकारी ली गई।
उन्होंने निर्देशित किया कि सड़क पर किसी भी विभाग की सामग्री या मलबा न रहे तथा शेष पैचवर्क, पैराफिट, रोड मार्किंग, स्लोप ट्रीटमेंट, झाड़ी कटान, चौड़ीकरण, डामरीकरण एवं क्रैश बैरियर जैसे कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं। साथ ही आवश्यक स्थलों पर स्पष्ट साइनेज एवं डायवर्जन बोर्ड लगाए जाएं।
पैदल मार्ग एवं पड़ावों की व्यवस्थाएं
गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, विश्राम गृह, आवास, सुरक्षा, वैली ब्रिज, नेटवर्क कनेक्टिविटी, इमरजेंसी हेलिपैड, सफाई व्यवस्था एवं रैन शेल्टर की उपलब्धता पर चर्चा की गई। वहीं घोड़ा-खच्चर संचालन हेतु पंजीकरण तथा बीमा की स्थिति की जानकारी ली गई।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा डॉक्टरों की तैनाती के साथ एक्स-रे, ईसीजी जैसी सुविधाएं उपलब्धता पर स्थिति की जानकारी जिलाधिकारी ने ली।
स्वच्छता एवं आधारभूत सुविधाएं
जिलाधिकारी ने स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कूड़ा कलेक्शन वाहनों की पर्याप्त संख्या, पर्यावरण मित्रों की तैनाती, पार्किंग स्थलों पर शौचालयों की व्यवस्था एवं उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला शौचालयों में सेनेटरी पैड डिस्पोजल, जल टंकियों की नियमित सफाई करने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही मार्गों पर स्वच्छता बनाए रखने, लीद एवं नालियों की सफाई, गंदगी फैलाने वालों पर चालान तथा नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सोलर लाइट, यातायात एवं आपदा प्रबंधन तथा संचार व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी गहन चर्चा की गई। एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता एवं वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग आपसी समन्वय एवं टीम भावना के साथ कार्य करें। सभी संवेदनशील (सिंकिंग) जोन में अनिवार्य रूप से साइनेज लगाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, एसीएमओ डॉ. सीमा टेकचंदानी, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग ओंकार पांडे, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश मिश्रा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



