उत्तराखंड

रूद्रप्रयाग जिला कलक्ट्रेट में बिछाई कारपेट ग्रास बनेगी आकर्षण का केन्द्र

कारपेट घास से होगी रुद्रप्रयाग जिला कलक्ट्रेट की सुरक्षा,
2013 की आपदा के बाद से कलक्ट्रेट पर मंडरा रहा था खतरा,
कलक्ट्रेट में बिछाई कारपेट ग्रास बनेगी आकर्षण का केन्द्र,
जिला कार्यालय को सुरक्षित रखने को लेकर डीएम की सराहनीय पहल,
कारपेट ग्रास में लगाये जायेंगे सुंदर-सुंदर फूल,
रुद्रप्रयाग। जिला कार्यालय रुद्रप्रयाग को सुरक्षित रखने को लेकर उद्यान विभाग ने एक सराहनीय पहल की है, जिसके तहत भूस्खलन वाले स्थान पर कारपेट ग्रास को लगाया गया है। इस ग्रास को लगाये जाने के बाद जिला कार्यालय सुरक्षित नजर आ रहा है। वहीं आने वाले दिनों में यहां फूलों को लगाये जाने सहित अन्य कार्य होने से यह क्षेत्र लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र भी रहेगा।
डीएम डाॅ सौरभ गहरवार के जनपद का कार्यभार संभालने के बाद से नये-नये प्रयोग शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण इलाकों में किये जा रहे हैं। आये दिन जिले में कुछ ना कुछ नया नजर आ रहा है। जहां डीएम शहरी व ग्रामीण इलाकों में तेजी से विकास कार्य करने को लेकर जागरूक दिखाई दे रहे हैं, वहीं वे जिला कार्यालय को सुरक्षित रखने को लेकर नई पहल के तहत कार्य कर रहे हैं। उनके निर्देश पर उद्यान विभाग ने कलक्ट्रेट के भूध्ंासाव वाले स्थानों पर कारपेट ग्रास बिछा दी है। ऐसे में एक ओर जहां जिला कार्यालय सुरक्षित नजर आ रहा है, वहीं इस कारपेट ग्रास के बीच छोड़े गए स्थानों पर अनेक रंग-बिरंगे फूलों को लगाने का काम शुरू हो गया है। इन फूलों को लगने के बाद जिला कार्यालय खूबसूरत नजर आयेगा।
डीएम कार्यालय के लिए जाने वाले मार्ग के निचले हिस्से में लम्बे समय से भूधंसाव होने के कारण कलक्ट्रेट को खतरा पैदा हो गया था। इसके साथ ही कलक्ट्रेट के अलग-अलग स्थानों पर भी भूधंसाव हो रहा था। ऐसे में डीएम डाॅ सौरभ गहरवार ने उद्यान अधिकारी योगेन्द्र सिंह चौधरी को कलक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा को लेकर कारपेट ग्रास लगाने के निर्देश दिए। इस कार्य के लिए उद्यान विभाग को सात लाख की धनराशि दी गई। उद्यान विभाग की माने तो कम लागत में बेहतर से बेहतर कार्य किया गया है। कलक्ट्रेट मार्ग के बचाव को लेकर लगाई गई कारपेट ग्रास के साथ ही फूलों की सुरक्षा को लेकर घेरबाड़ किया जायेगा, जिससे कोई इस स्थान को नुकसान ना पहुंचा सके। यह कार्य 2669 वर्ग मीटर में किया है, जो बेहद ही सुंदर लग रहा है। यहां से गुजर रहे लोग इस कार्य को देखकर डीएम डाॅ सौरभ गहरवार की प्रशंसा कर रहे हैं।
भूगोल के शोध छात्र प्रवीन रावत ने कहा कि डीएम कार्यालय को सुरक्षित रखने को लेकर डीएम डाॅ सौरभ गहरवार की यह पहल सराहनीय है। 2013 की आपदा के दौरान यह मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके साथ ही अन्य अलग-अलग स्थानों पर भूधंसाव जारी रहा। ऐसे में इस स्थान के बचाव को लेकर कारपेट ग्रास सबसे बेहतरीन उपाय है। उन्होंने कहा कि जिन-जिन स्थानों पर भूधंसाव की समस्या है, वहां पर इस प्रकार के प्रयास किये जाने जरूरी है। ऐसे में इन स्थानों का बचाव समय पर हो सकेगा और इन स्थानों पर फूलों को लगाये जाने से आने-जाने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बनेंगे। बताया कि कारपेटग्रास सबसे लोकप्रिय घनी घासों में से एक है, जिसे ऊपरी मिट्टी की कमी को रोकने के लिए कटाव-प्रवण मिट्टी या पहाड़ी यार्डों पर लगाया जाता है। कारपेटग्रास घनी घास है, जो तेजी से फैलती है और अंतराल भरती है। यह पोषण के लिए बिना किसी उर्वरक के भी पनप सकते हैं।
वहीं जिला उद्यान अधिकारी योगेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि कड़ी चुनौतियों को पार करने के बाद उद्यान विभाग इस कार्य को करने में सफल रहा है। ढालधार वाले स्थान पर कारपेट ग्रास को बिछाना आसान नहीं था। इसके लिए नोएडा से ग्रास मंगाने के साथ ही मजदूर भी पिथौरागढ़ से मंगाए गए। डेढ़ महीने के भीतर कारपेट ग्रास बिछाने का कार्य पूरा हुआ है, जबकि अब फूलों को लगाने काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद कलक्ट्रेट क्षेत्र आकर्षण का केन्द्र बन जाएगा।

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