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रूच्छ महादेव में आयोजित 11 दिवसीय शिव महापुराण कथा पूर्णाहुति के साथ सम्पन्न

लक्ष्मण सिंह नेगी

ऊखीमठ । पतित पावनी सरस्वती एवं काली गंगा के पावन संगम स्थल पर स्थित प्राचीन एवं आस्था के प्रमुख केंद्र रूच्छ महादेव मन्दिर में आयोजित 11 दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-यज्ञ एवं पूर्णाहुति के साथ भव्य समापन हो गया। कथा के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाई। 11 दिनों तक संपूर्ण कालीमठ घाटी शिवभक्ति, भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रों से गुंजायमान रही।
शिव महापुराण कथा के समापन अवसर पर हरिद्वार के सुविख्यात कथावाचक संजय कृष्ण शास्त्री ने भगवान शिव की महिमा का विस्तृत वर्णन करते हुए कहा कि शिव केवल संहार के देवता ही नहीं, बल्कि सृष्टि के पालन, करुणा, त्याग और कल्याण के भी प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण मनुष्य को सत्य, धर्म, संयम, सेवा और भक्ति का मार्ग दिखाता है। जो श्रद्धालु श्रद्धा एवं विश्वास के साथ शिव कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा उसे आध्यात्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों, ज्योतिर्लिंगों, माता पार्वती के तप, भगवान गणेश एवं कार्तिकेय की महिमा तथा शिवभक्ति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कथा के दौरान उपस्थित श्रद्धालु शिव भक्ति में भाव-विभोर दिखाई दिए और पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘बम-बम भोले’ के जयघोषों से गूंज उठा। समापन दिवस पर आयोजित हवन एवं पूर्णाहुति में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व शांति, लोककल्याण, सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। इसके उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें दूर-दराज़ से पहुंचे श्रद्धालुओं एवं स्थानीय ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया।
कथा के आयोजन ने कालीमठ घाटी में धार्मिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की। 11 दिनों तक प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचकर शिव महापुराण का श्रवण करते रहे। महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों की सक्रिय सहभागिता से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। कथा आयोजक विपिन शास्त्री ने कथा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों ,क्षेत्रवासियों व स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं। समापन के साथ ही श्रद्धालुओं ने भगवान रूच्छ महादेव व कोटि माहेश्वरी के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं विश्व कल्याण की मंगलकामना की। इस मौके पर आचार्य सूरज उनियाल, अमित कोठारी, विजय बहुगुणा, प्रेम प्रकाश भट्ट, आयुष भट्ट, अजय भट्ट, पुरूषोत्तम भट्ट, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनवर चौहान, चामुण्डा देवी दिवारा यात्रा समिति अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह सत्कारी, भगत सिंह सत्कारी, प्रबल सिंह सत्कारी, सूरज सत्कारी, संजय सिंह सत्कारी सहित चिलौण्ड, चौमासी, जाल मल्ला, खोन्नू , जाल तल्ला, कोटमा, स्यासू ,कविल्ठा सहित विभिन्न गांवों के शिव भक्त मौजूद रहे।

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