ऊखीमठ। पंच केदारों में तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली आज दूसरे रात्रि प्रवास बनकुण्ड से प्रस्थान कर शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान होगी। भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ पहुंचने पर सैकड़ों ग्रामीण एवं श्रद्धांलु पुष्प अक्षत्रों से डोली का भव्य स्वागत करेगें। गुरूवार से भगवान तुंगनाथ की शीतकालीन पूजा विधि-विधान से मर्कटेश्वर मन्दिर मक्कूमठ में शुरू होंगी।
बता दें कि मंगलवार सुबह भूतनाथ मंदिर चोपता में पुजारियों ने भगवान तुंगनाथ की पूजा के पश्चात भगवान की चल विग्रह उत्सव डोली ने अपने शीतकालीन गद्दीस्थल मर्कटेश्वर मंदिर मक्कूमठ के लिए प्रस्थान किया। डोली अपराह्न तीन बजे भनकुन पहुंची। मठाधिपति राम प्रसाद मैठाणी ने बताया कि चंद्रग्रहण का सूतक होने के कारण चल विग्रह डोली समय से पहले रवाना की गई। बनकुन में सायंकालीन पूजा भी नहीं हुई। बुधवार को शुद्घिकरण व यज्ञ के उपरांत तृतीय केदार की पूजा-अर्चना की जाएगी और दोपहर बाद डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल में विराजमान हो जाएगी।
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