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बुग्यालों के संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान,  5 सितंबर को फाटा, न्यालसू एवं त्रिजुगीनारायण में हुई जागरूकता गोष्ठी

बुग्यालों के संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान,  5 सितंबर को फाटा, न्यालसू एवं त्रिजुगीनारायण में हुई जागरूकता गोष्ठी

फाटा(रूद्रप्रयाग)। चिपको आंदोलन की धरती चमोली और रुद्रप्रयाग क्षेत्र में बुग्यालों के संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और जैविक कूड़ा निस्तारण को लेकर विशेष जनजागरूकता अभियान की शुरूआत की जा रही है। चंडी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र, गोपेश्वर की ओर से बुग्याल बचाओ अभियान की शुरुवात आज शनिवार को पीएम श्री राईका फाटा में जागरूकता गोष्ठी आयोजित कर की गई। गोष्ठी में पर्यावरण विशेषज्ञों द्वारा अपने विचार प्रस्तुत किए गए। अभियान में चंडी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र के प्रबंध न्यास ओम प्रकाश भट्ट एवं वरिष्ठ पत्रकार व्योमेश चंद्र जुगरान ने बुग्यालों के संवर्धन को लेकर सभी को जागरूक किया। विद्यालय में छात्र छात्राओं एवं गुरुजनों को बुग्यालों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जागरूक संदेश दिया गया। इस दौरान विद्यालय प्रधानाचार्य शुभलक्ष्मी सेमवाल एवं विद्यालयी शिक्षक तथा छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। फाटा के बाद न्यालसू रामपुर एवं त्रियुगीनारायण गांव में बुग्याल संरक्षण गोष्ठी आयोजित की गई। तथा पर्यावरण के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

बुग्याल बचाओ अभियान के प्रमुख ओम प्रकाश भट्ट ने बताया कि 5 सितंबर से रुद्रप्रयाग जिले के केदारघाटी के गांवों  से अभियान शुरू किया गया।अभियान के तहत 5 से 8 सितंबर तक विभिन्न गांवों और बुग्याल क्षेत्रों में पर्यावरण एवं वन संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। अभियान दल पवाली बुग्याल और पवाली-कांठा क्षेत्र का अध्ययन करेगा। साथ ही क्षेत्र में रह रहे पशुपालकों से बातचीत कर बुग्यालों की स्थिति, संरक्षण और वहां उत्पन्न होने वाले अजैविक कूड़े के उचित निस्तारण को लेकर भी चर्चा की जाएगी।
साथ ही अभियान में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा वन विभाग के स्थानीय अधिकारियों की सहभागिता भी रहेगी। इसका उद्देश्य बुग्यालों को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने के साथ ही स्थानीय समुदाय को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदार बनाना है।अभियान का समापन 8 सितंबर को टिहरी जिले की घनशाली तहसील के घुत्तू के समीप गंगवाणा गांव में किया जाएगा। अभियान के दौरान स्थानीय ग्रामीणों के साथ संवाद और गोष्ठियों का आयोजन कर बुग्यालों के संरक्षण की आवश्यकता पर चर्चा की जाएगी।
ओम प्रकाश मट्ट ने अभियान में सहयोग का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि बुग्याल हिमालयी पर्यावरण के महत्वपूर्ण अंग हैं और इनके संरक्षण के लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
बुग्यालों पर बढ़ते मानवीय दबाव, कूड़ा निस्तारण और पर्यावरणीय बदलावों के बीच यह अभियान हिमालयी पारिस्थितिकी के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
इस दौरान मंगला प्रसाद कोठियाल, केदारनाथ बीट अनुभाग रेंजर जीएस सजवान, मोहन पंत, विनय सेमवाल, गजेंद्र , अनुसूया प्रसाद मलासी एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

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