उत्तराखंडचमोली

शीतकाल के लिए बंद हुई फूलों की घाटी, रिकॉर्ड पर्यटकों ने किये फूलों की घाटी के दीदार

इस वर्ष रिकॉर्ड देशी- विदेशी पर्यटक पहुंचे
20 हजार 800 से अधिक पर्यटक पहुंचे, जिस मे 280 विदेशी
32 लाख से अधिक का राजस्व मिला, 60 कुंतल से अधिक कचरा उठाया घाटी से
चमोली।  सीमांत जनपद चमोली मे स्थित विश्व धरोहर फूलो की घाटी को आज सोमवार के दिन शीत काल के लिए देशी-बिदेशी पर्यटकों हेतु बंद कर दी गई है l इस बर्ष घाटी मे सर्बाधिक रिकॉर्ड पर्यटक पहुंचे थे।
कोविड माहमारी के चलते बीते दो बर्ष से घाटी वीरान पड़ी थी। जिस से पार्क प्रशासन व ब्यवसाइयो को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। लेकिन इस बर्ष दो सालो के बाद घाटी पर्यटकों से गुलजार रही। 5 माह मे यहां 20 हजार 827 से अधिक रिकॉर्ड पर्यटक पहुंचे l जिस मे 280 विदेशी भी शामिल है।
समुद्र तल से 13 हजार फीट की ऊंचाई पर 2-4 कि.मी.के दायरे मे फूलो की घाटी फैली हुई है l 06 सितम्बर 1982 को इसे राष्ट्रीय पार्क घोषित किया गया था l जब कि 2005 मे यूनेस्को ने फूलो की घाटी को विश्व धरोहर घोषित किया।
बीते एक जून को फूलों की घाटी खुलने के बाद से पर्यटको के पंहुचने का क्रम लगातार जारी रहा । वन विभाग को भी पर्यटको के माध्यम से शुल्क के रूप मे अच्छी आय हुई है। जब कि घाटी के मुख्य पडाव घाॅघरियाॅ व गोविन्द घाट मे होटल, रेस्टोरेंन्ट व ढाबे ब्यवसाइयो के चेहरे खिले हुए थे।
घाटी मे जापान का राष्ट्रीय पुष्प ब्लू पापी व उत्तराखंड का राज्य पुष्प ब्रम्ह कमल सहित प्रीमूला, पोंटेन्टिला, मोरीनालोंगीफूलिया, रोज मोस्यारा, व कोबरा चिल्ली सहित 450 से अधिक किस्मो के फूल यहां खिलें रहते है।
जिला पर्यटन अधिकारी एस. एस. राणा ने बताया है कि इस बर्ष 20 हजार 800 से अधिक पर्यटक यहां पहुंचे है l नंदा देवी नेशनल पार्क को 32 लाख का राजस्व प्रवेश शुल्क के रूप मे इनसे प्राप्त हुआ है। वन विभाग घाटी मे प्रवेश के लिए प्रवेश शुल्क के रूप मे भारतीय पर्यटक से 150 रूपया प्रति पर्यटक तथा विदेशी पर्यटक से 6 सौं रूपया शुल्क लेता है। वन विभाग द्वारा घाटी से पर्यटकों द्वारा वहां छाेडे गए कचरे को भी साफ किया गया है l 60 कुंतल से अधिक पोलोथीन,प्लास्टिक व अन्य कचरा उठाया गया है।
प्रति बर्ष यह घाटी 01 जून को पर्यटको के लिए खोल दी जाती है। जो अक्टूबर माह तक खुली रहती है। ऋषिकेश – बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोविंद घाट से 19 किलोमीटर की पैदल चड़ाई पार कर यहां पहुंचा जाता है।
बर्ष 2018 मे 13 हजार 754 पर्यटक पहुंचे l बर्ष 2019 मे 14 हजार 722, बर्ष 2020 मे 17 हजार 424, बर्ष 2021 मे 916 पर्यटक पहुंचे थे। जब कि इस बर्ष 20 हजार 827 से अधिक पर्यटक पहुंचे है।

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