गहरी खाई में फंसी निराश्रित गाय का युवाओं ने किया सुरक्षित रेस्क्यू

ग्रामीण इलाकों से जंगलों में मरने के लिए छोड़े जा रहे गौवंश,
रुद्रप्रयाग। जिला मुख्यालय के समीप चिनग्वाड़ लिंक मोटरमार्ग पर ओण गांव के ठीक सामने 100 मीटर गहरी खाई में एक निराश्रित गाय फंसी हुई थी। गौ रक्षा विभाग की टीम ने पशु पालन विभाग के सहयोग से जान पर खेलकर गाय का रेस्क्यू किया। आए दिन ग्रामीण इलाकों से असामाजिक लोग अपने मवेशियों का उपयोग करने के बाद इन्हें मरने के लिए जंगलों में या फिर शहरी इलाकों में छोड़ रहे हैं, जिसमें समय रहते कार्यवाही करने की जरूरत है।

शुक्रवार दोपहर के समय गौ रक्षा विभाग को सूचना मिली कि रुद्रप्रयाग-चिनग्वाड़ मोटरमार्ग पर ओण गांव के ठीक सामने एक बद्री गाय पहाड़ी में फंसी हुई है। टीम ने मौके पर जाकर देखा तो बद्री गाय मोटरमार्ग से करीब सौ मीटर नीचे गहरी खाई में फंसी हुई थी। टीम ने मौके पर पशु पालन विभाग के कर्मचारियों को बुलाया और गाय का रेस्क्यू शुरू किया। रेस्क्य अभियान में करीब 3 से 4 घंटे का समय लग गया। गौ रक्षा विभाग की टीम ने पशु पालन विभाग के कर्मचारियों के सहयोग से किसी तरह गाय तक पहुंचने की कोशिश की। गाय तक पहुंच बनाने के बाद बड़ी मशक्कत करके सड़क मार्ग तक लाया गया। स्थानीय लोगों ने गौ रक्षा विभाग के कार्य की सराहना की।
विभाग के सचिव दीपक बिष्ट ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में कुछ असामाजिक लोग भी निवास कर रहे हैं, जो रात के समय गौवंश को जंगलों में मरने के लिए छोड़ रहे हैं। जबकि कुछ लोग गाय और नंदी का उपयोग करने के बाद उन्हें शहरी बाजारों में छोड़ रहे हैं, जिससे आए दिन ये निराश्रित गौवंश वाहनों की चपेट में आकर गंभीर घायल हो रहे हैं। इनका ट्रीटमेंट गौ रक्षा विभाग की टीम करवा रही है। उन्होंने कहा कि किसी असामाजिक व्यक्ति ने बद्री गाय को सड़क से नीचे फेंक दिया, जिसका कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू किया गया है। गाय को जंगल से बाजार तक लाया गया है, जहाँ से उसे गोसदन में रखा जाएगा। सचिव दीपक बिष्ट ने कहा कि जो लोग अपनी गाय और नंदी का उपयोग करने के बाद सड़कों में मरने के लिए छोड़ रहे हैं, वे पाप के भागी बन रहे हैं। सरकार और प्रशासन को इन निराश्रित गौवंश को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।





