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नमामि गंगे इकाई द्वारा योग शिविर और संगोष्ठी का आयोजन

नदी सभ्यता व वैदिक ज्ञान पर हुआ चिंतन

रूद्रप्रयाग। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि की नमामि गंगे इकाई द्वारा मंगलवार को ग्राम बनियाडी स्थित महादेव मंदिर परिसर में एक दिवसीय योग शिविर एवं वेद-पुराण तथा नदी सभ्यता पर आधारित संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों, छात्र-छात्राओं तथा स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।इस अवसर पर नगर पंचायत अगस्त्यमुनि की अधिशासी अधिकारी निकिता भट्ट और वार्ड-4 बनियाडी के सभासद कमल राणा बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने नमामि गंगे मिशन की सराहना करते हुए योग की उपयोगिता और नदियों के संरक्षण हेतु जनजागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया।

संगोष्ठी के दौरान दर्शनशास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ. सतीश तिवारी ने वेद-पुराणों में वर्णित नदियों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नदियों को माता के समान सम्मान दिया गया है। उन्होंने कहा कि नदियों का संरक्षण केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और पारिस्थितिक दायित्व भी है।नमामि गंगे की नोडल अधिकारी डॉ. ममता भट्ट ने प्लास्टिक प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को सीमित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखना और पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।योग सत्र का संचालन योग प्रशिक्षु जितेन्द्र रावत ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए योग के शारीरिक, मानसिक और आत्मिक लाभों की जानकारी दी। उन्होंने योग को जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में नमामि गंगे समिति की सदस्य डॉ. तनुजा मौर्य, महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. सीताराम नैथानी, डॉ. ममता शर्मा, डॉ. सुधीर पेटवाल, डॉ. अनुज चौधरी तथा कर्मचारीगण संतोष जमलोकी और किशन सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

 

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