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शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर मे केदारपुरी के क्षेत्र रक्षक भुकुन्ड भैरव पूजन के साथ केदारनाथ की यात्रा का विधिवत आगाज

लक्ष्मण सिंह नेगी।

ऊखीमठ। भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर मे रविवार देर सांय  केदारपुरी के क्षेत्र रक्षक भुकुन्ड भैरव पूजन के साथ 11 वे ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ की यात्रा का विधिवत आगाज हो गया है। भक्तो के सहयोग से मन्दिर समिति द्वारा ओकारेश्वर मन्दिर को विभिन्न प्रजाति के आठ कुन्तल फूलो से सजाया गया है।

सोमवार को आर्मी की बैण्ड धुनो व भक्तो की जयकारो के साथ भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली ऊखीमठ से कैलाश के लिए रवाना होगी तथा विभिन्न यात्रा पडावो पर भक्तो को आशीर्वाद देते हुए एक मई को केदारनाथ धाम पहुंचेगी तथा दो मई को भगवान केदारनाथ के कपाट प्रातःकालीन बेला पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायेंगे। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली के साथ ऊखीमठ से केदारनाथ धाम तक पद यात्रा मे शामिल होने वाले सैकड़ो तीर्थ यात्री ऊखीमठ पहुंच चुके है। केदारनाथ धाम मे मन्दिर समिति के 18 सदस्यीय दल द्वारा एक मई तक सभी व्यवस्थाये चाक चौबंद करने के प्रयास किये जा रहे है । जल संस्थान द्वारा गौरीकुंड – केदारनाथ 18 किमी पैदल मार्ग पर पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी गयी है। केदारनाथ यात्रा के यात्रा पडा़वो पर व्यापारियो के रूख करने से यात्रा पडा़वो पर धीरे – धीरे रौनक लौटने लगी है। तृतीय केदार तुंगनाथ धाम मे भी मन्दिर समिति का चार सदस्यीय दल सुरक्षा व यात्रा व्यवस्थाओ का जायजा लेकर लौट चुका है ।

जानकारी देते हुए केदारनाथ मन्दिर प्रभारी यदुवीर पुष्वाण ने बताया कि रविवार देर सांय को ओकारेश्वर मन्दिर मे केदार पुरी के क्षेत्र रक्षक भुकुण्ड भैरव की पूजा विधि विधान से सम्पन्न की गयी तो स्थानीय जनता द्वारा नये अनाज का भोग लगाकर आगामी ग्रीष्मकालीन यात्रा के निर्विघ्न सम्पन्न होने की कामना की गयी। उन्होने बताया कि भैरव पूजन व भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली के ऊखीमठ से कैलाश रवाना होने के पावन अवसर पर गंगोत्री धाम के रमेश जी महाराज के सहयोग से ओकारेश्वर मन्दिर को विभिन्न प्रजाति से 8 कुन्तल पुष्पो से सुसज्जित किया गया है । बताया कि सोमवार को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी ओकारेश्वर मन्दिर से धाम के लिए रवाना होगी तथा प्रथम रात्रि प्रवास के लिए विश्वनाथ मन्दिर गुप्तकाशी पहुंचेगी तथा भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली विभिन्न यात्रा पडा़वो पर श्रद्धालुओ को आशीर्वाद देते हुए एक मई को केदारनाथ धाम पहुंचकर भण्डार गृह मे विराजमान होगी तथा दो मई को ब्रह्म बेला पर भगवान केदारनाथ के कपाट वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए जायेगे । मन्दिर समिति के गिरीश देवली ने बताया कि केदारनाथ धाम मे 18 सदस्यीय दल सभी यात्रा व्यवस्थाओ को सुव्यवस्थित करने के लिए जी जान से जुटा हुआ है तथा आगामी 30 अप्रैल तक सभी व्यवस्थाये चाक – चौबंद की जायेगी।

पैदल मार्ग पर पेयजल आपूर्ति हुई सुचारू।

ऊखीमठ। आगामी दो मई से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए जल संस्थान विभाग मुस्तैद हो गया है । विभाग द्वारा गौरीकुंड – केदारनाथ 18 किमी पैदल मार्ग पर पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी गयी है । विभाग द्वारा गौरीकुंड – केदारनाथ पैदल मार्ग पर आवागमन करने वाले तीर्थ यात्रियो , घोड़े – खच्चरो को पेयजल आपूर्ति मुहैया कराने के लिए जगह – जगह स्टैड पोस्टो व पानी की चारियो कि निर्माण किया गया है । जानकारी देते हुए जल संस्थान के कनिष्ठ अभियन्ता बीरेन्द्र भण्डारी ने बताया कि गौरीकुंड – केदारनाथ पैदल मार्ग पर 37 पानी की चारियो ,60 स्टैड पोस्टो , 6 सप्लाई टैको तथा 12 स्थानो पर गर्म पानी के कनेक्शन लगाये गये है । बाक्स न्यूज। सुरक्षा व्यवस्थाओ का जायजा लेकर लौटा दल । ऊखीमठ। मन्दिर समिति का चार सदस्यीय दल तृतीय केदार तुंगनाथ धाम की सुरक्षा व यात्रा व्यवस्थाओ का जायजा लेकर वापस लौट गया है । इस दौरान दल द्वारा तुंगनाथ धाम मे स्वच्छता अभियान भी चलाया गया । बता दे कि तृतीय केदार व हिमालय मे सबसे ऊंचाई पर विराजमान भगवान तुंगनाथ के कपाट भी आगामी दो मई को ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए जायेगे । तुंगनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व मन्दिर समिति के चार सदस्यीय दल ने तुंगनाथ धाम पहुंचकर सुरक्षा व यात्रा व्यवस्थाओ का जायजा लिया साथ ही चन्द्रशिला जाने वाले पर्यटको व सैलानियो से बुग्यालो के संरक्षण व संवर्धन का आवाहन किया। दल मे प्रबन्धक बलवीर नेगी ,चन्द्रमोहन बजवाल , आनन्द सिंह रावत दिलवर सिंह नेगी मौजूद थे।

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