मक्कू बैंड में पांच घंटे विलंब से रवाना होकर रात्रि प्रवास के लिए भनकुंड पहुंची भगवान तुंगनाथ की उत्सव डोली

रिपोर्ट/ लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली दो रात्रि प्रवास के लिए भनकुण्ड पहुंच गयी है। गुरुवार को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली भनकुण्ड से रवाना होगी तथा अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ में विराजमान होगी तथा 8 नवम्बर से भगवान तुंगनाथ की शीतकालीन पूजा विधि – विधान से शुरू होगी।
मंगलवार को तुंगनाथ यात्रा के अहम पडाव चोपता में ब्रह्म बेला पर विद्वान आचार्यों ने पंचाग पूजन के तहत अनेक पूजाये सम्पन्न कर भगवान तुंगनाथ सहित सभी देवी – देवताओं का आवाहन किया तथा ठीक नौ बजे प्रातः भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली भनकुण्ड के लिए रवाना हुई तथा भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के बनियाकुण्ड,दुगलविट्टा , मक्कू बैण्ड, हूण्हू व बनालोली पहुंचने पर ग्रामीणों व भक्तों द्वारा लाल – पीले वस्त्र अर्पित कर मनौती मांगी तथा अनेक प्रकार की पूजा सामाग्रियो से अर्ध्य लगाकर क्षेत्र के खुशहाली की कामना की।
जानकारी देते हुए डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित ने बताया कि भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली के बनातोली आगमन पर ग्रामीणों द्वारा परम्परानुसार सामूहिक अर्घ्य लगाकर क्षेत्र के खुशहाली की कामना की। प्रबन्धक बलवीर नेगी ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया जा रहा है। राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भटट्, रमेश नौटियाल ,सन्दीप बेंजवाल सहित तुंगनाथ धाटी के विभिन्न गावों के ग्रामीणों ने भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली को लाल पीले वस्त्र अर्पित कर मनौती मांगी।



