मनसूना में आयोजित तीन दिवसीय मदमहेश्वर मेले का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ आगाज

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दी स्थल ओकारेश्वर मन्दिर आगमन पर मदमहेश्वर घाटी के प्रमुख पड़ाव मनसूना में तीन दिवसीय मदमहेश्वर मेले का आगाज रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हो गया है। तीन दिवसीय मेले के शुभारंभ अवसर पर स्थानीय विद्यालयों के छात्र छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही जिसका दर्शकों ने देर सांय तक भरपूर लुप्त उठाया।
मदमहेश्वर घाटी के मनसूना में आयोजित तीन दिवसीय मदमहेश्वर मेले के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए क्षेत्र पंचायत प्रमुख श्वेता पाण्डेय ने कहा कि धार्मिक मेलो का आयोजन हमारी युगों पूर्व की परम्परा है जिनका युगों से यहां के स्थानीय निवासी निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक मेलों के आयोजन में यहाँ के जनमानस का अहम योगदान है, इन मेलों के आयोजन से उभरते हुए कलाकारों को उचित मंच मिलता है। विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत सदस्य कालीमठ विनोद राणा ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन से ग्रामीणों में प्यार, प्रेम सौहार्द बना रहता है। मेला अध्यक्ष संजय मनवाल ने सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया।
मेले के उद्घाटन अवसर पर जी आई सी मनसूना, रासी, सरस्वती शिशु विद्या मन्दिर, प्राथमिक विद्यालय मनसूना सहित विभिन्न विद्यालयों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही जबकि शैलेन्द्र, कुन्दन बिष्ट, अजीत, महेश व गोविन्द शरण ने संगीत पर साथ दिया। मंच संचालन मेला सचिव दलवीर सिंह नेगी ने किया। इस मौके पर मेला संरक्षक फगण सिंह पंवार, प्रधान रासी कुन्ती नेगी, गैड़ राजेश्वरी देवी, उपाध्यक्ष राकेश धिरवाण, कोषाध्यक्ष नर्मदा देवी, मीडिया प्रभारी योगेन्द्र भटट्, पूर्व प्रधान राजेन्द्र धिरवाण, नरेन्द्र पंवार, धीरेन्द्र थपलियाल, राजवीर चौहान, अंजलि पंवार, नीता देवी, नरेन्द्र पंवार, मोहन सिंह बर्त्वाल सहित विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि, ग्रामीण व विभिन्न विद्यालयों के नौनिहाल मौजूद रहे।



