उत्तराखंड

दिल्ली में श्री केदारनाथ के प्रतीकात्मक मंदिर के शिलान्यास का केदार घाटी के जनमानस ने किया विरोध

लक्ष्मण सिंह नेगी
ऊखीमठ। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा देश की राजधानी दिल्ली में श्री केदारनाथ मन्दिर का शिलान्यास किये जाने का केदार घाटी के जनमानस ने पुरजोर विरोध कर प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर अपने गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री व प्रदेश सरकार द्वारा दिल्ली में किये गए शिलान्यास के मामले में स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जायेगा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन – प्रशासन की होगी। पूर्व निधारित कार्यक्रम के तहत तीर्थ पुरोहित, स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारी व ग्रामीण मुख्य स्टेशन पर एकत्रित हुए तथा प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया। केदारनाथ तीर्थ पुरोहित सन्तोष त्रिवेदी ने कहा कि भगवान केदारनाथ द्वादश ज्योर्तिलिंगों में अग्रणी व देवभूमि उत्तराखंड के चारो धामों विश्व विख्यात होने के कारण करोड़ों हिन्दुओ की आस्था का केन्द्र है तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिल्ली में केदारनाथ मन्दिर का शिलान्यास कर करोड़ों हिन्दुओ की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल के 6 माह की अवधि में लाखों तीर्थ यात्रियों के केदारनाथ धाम आने से हजारों युवाओं की रोजी – रोटी केदारनाथ यात्रा पर निर्भर रहती है तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्थानीय युवाओं की रोजी – रोटी के साथ खिलवाड़ करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ केदारनाथ विधायक स्वर्गीय शैलारानी रावत का पार्थिव शरीर उनके घर नहीं पहुंचा तथा दूसरी तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का दिल्ली में केदारनाथ मन्दिर का शिलान्यास करना समझ से परे है। प्रधान कविल्ठा अरविन्द राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिल्ली में केदारनाथ मन्दिर का शिलान्यास करने से स्पष्ट हो गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा करोड़ों हिन्दुओ की आस्था व विश्वास पर गहरा आघात पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। वन पंचायत सरपंच पवन राणा ने कहा कि यात्रा काल के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा उत्तराखंड के चारों धामों में आने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या सिमित की गयी जबकि कैची धाम में असंख्य तीर्थ यात्रियों की आवाजाही होने से साफ हो गया है प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गढ़वाल के साथ भेदभाव किया गया। निर्वतमान सभासद रवीन्द्र रावत ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा केदारनाथ मन्दिर के शिलान्यास मामले में यदि मुख्यमंत्री व प्रदेश सरकार द्वारा स्पष्टीकरण नहीं दिया गया तो केदारनाथ घाटी के जनमानस को प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ लामबंद होने के लिए विवश होना पडेगा जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। इस मौके पर गोविन्द पुष्वाण, प्रदीप नेगी, गोविन्द पंवार, रणजीत सिंह, भारत भूषण, जगदीश नेगी, देवेन्द्र सहित कई व्यापारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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